कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में हाथरस की एमपी/एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 मार्च की तारीख तय की है। यह मानहानि का मामला चंदपा क्षेत्र के बूलगढ़ी गांव निवासी रामकुमार उर्फ रामू, रवि और लवकुश ने दायर किया है। परिवादियों का आरोप है कि राहुल गांधी ने 12 दिसंबर 2024 को बूलगढ़ी गांव का दौरा करने के बाद अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट की थी। इस पोस्ट में उन्होंने उन तीनों व्यक्तियों को गैंगरेप का आरोपी बताया था, जिन्हें 2 मार्च 2023 को कोर्ट द्वारा दोषमुक्त किया जा चुका था। परिवादियों के अनुसार, कोर्ट से बरी होने के बाद वे सामान्य जीवन जी रहे थे और समाज में उनकी प्रतिष्ठा बहाल हो चुकी थी। राहुल गांधी की इस पोस्ट से उनकी छवि को दोबारा नुकसान पहुंचा। उनका दावा है कि यह पोस्ट देश-विदेश में वायरल हुई, जिससे उन्हें फिर से आपराधिक नजरिए से देखा जाने लगा। परिवादियों के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि राहुल गांधी की यह पोस्ट राजनीतिक लाभ लेने और जातिगत विद्वेष फैलाने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने इसे एक पुराने और सुलझे हुए मुद्दे को जानबूझकर फिर से उठाकर अपमानित करने का प्रयास बताया। इ ससे पहले परिवादियों ने राहुल गांधी को मानहानि का नोटिस भेजा था। कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने अदालत में परिवाद दाखिल किया। न्यायालय ने सीओ सादाबाद को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था, जिसके बाद सीओ सादाबाद ने अपनी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की थी। इन्हीं तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया था। राहुल के अधिवक्ता ने दिया प्रार्थना पत्र आज राहुल गांधी की ओर से लखनऊ से आए अधिवक्ता मोहम्मद अनस ने न्यायालय में परिवाद की प्रतिलिपि प्राप्त करने हेतु प्रार्थना पत्र दिया। इस पर न्यायालय ने उन्हें परिवाद की प्रति उपलब्ध कराने के आदेश दिए। राहुल गांधी के अधिवक्ता ने परिवाद की प्रति प्राप्त की। अब इस मामले में अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
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