बलिया में चाचा ने अपने 9 साल के भतीजे की ईंट से कूचकर हत्या कर दी। हत्या करने के दौरान चाची ने कहा इसकी मां मुझे संतान न होने का ताना देती थी। इसे मारकर उसे भी संतान विहीन कर दो। हत्या के बाद पति-पत्नी ने शव को नदी में बहा दिया। मामला 25 जनवरी का है। पुलिस ने आज दोपहर मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गणेश और उसकी पत्नी ने इस हत्या की साजिश 23 जनवरी को ही रच ली थी। दोनों सही मौके की तलाश में थे। 24 जनवरी को भी प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार 25 जनवरी को उन्हें मौका मिला, जब अभिषेक स्कूल से घर लौटा। पतंग-टॉफी का लालच, मासूम को फांसने की चाल योजना के तहत गणेश ने पड़ोस के एक बच्चे को पतंग और टॉफी दिलाने का लालच देकर अभिषेक को बुलवाया। जैसे ही अभिषेक आया, गणेश दोनों बच्चों को पतंग और टॉफी खरीदने के बहाने सरयू नदी की ओर ले चला। नदी से करीब 200 मीटर पहले उसने पड़ोसी बच्चे को वहीं रुकने को कहा और अभिषेक को अकेले नदी किनारे ले गया। नदी किनारे ईंट से सिर कुचला सरयू नदी के किनारे पहुंचते ही गणेश ने अभिषेक के सिर पर ईंट से तीन-चार ताबड़तोड़ वार किए। मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या के बाद गणेश ने शव को सरयू नदी में फेंक दिया और फिर इत्मीनान से टहलता हुआ घर लौट आया, जैसे कुछ हुआ ही न हो। हत्या के बाद भी रचा गया नाटक
इतना ही नहीं, गणेश ने खुद को बचाने के लिए शातिर चाल चली। अभिषेक के गायब होने पर वह भी खोजने का नाटक करता रहा। देर शाम सहतवार थाने पहुंचकर उसने खुद गुमशुदगी/अपहरण की तहरीर दे दी। पुलिस ने हत्या की वजह—तानों से उपजा ज़हर
पुलिस जांच में हत्या की वजह भी सामने आई है। अभिषेक की मां आशा देवी और उसकी छोटी चाची अमृता के बीच घरेलू विवाद चलता रहता था। इसी दौरान आशा ने कथित तौर पर अमृता को नि:संतान होने का ताना दे दिया था। यह बात अमृता के दिल में घर कर गई। उसने पति गणेश से कहा-अगर आशा हमें ताने मारती है, तो उसे भी पुत्र विहीन कर दो। यहीं से हत्या की साजिश ने जन्म लिया। 6 दिन बाद सरयू ने उगला सच
25 जनवरी को अभिषेक के लापता होने के बाद परिजन लगातार उसे खोजते रहे। लेकिन 31 जनवरी, शनिवार की शाम सरयू नदी में एक शव उतराने की सूचना मिली। ग्रामीणों की सूचना पर सहतवार पुलिस मौके पर पहुंची। शव की पहचान सिंगही निवासी चंदन प्रजापति के बेटे अभिषेक के रूप में हुई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों का आक्रोश, पुलिस पर सवाल
शव मिलने के बाद गुस्साए परिजनों ने थाने का घेराव कर दिया। उनका आरोप था कि अगर पुलिस समय रहते गंभीरता से तलाश करती तो अभिषेक की जान बच सकती थी। गांव में घटना को लेकर गहरा आक्रोश और मातम का माहौल है। पिता का दर्द, गांव में मातम
मृतक के पिता चंदन प्रजापति ने बताया कि 25 जनवरी को अभिषेक घर से डेरे की ओर जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन फिर कभी वापस नहीं आया। अब बेटे की हत्या की सच्चाई सामने आने के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। पुलिस जांच जारी, आरोपी शिकंजे में
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए चाचा गणेश और उसकी पत्नी की भूमिका उजागर की है। दोनों से पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि पूरे घटनाक्रम के साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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