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एटीएम में फेवीक्विक, फर्जी टोल फ्री नंबर चिपकाकर ठगी:प्रयागराज में मशीन में कार्ड फंसाया, फिर बैंककर्मी बनकर जाना PIN, CCTV सामने आया

प्रयागराज में एटीएम से ठगी का एक बेहद शातिर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां दो युवक एक एटीएम में गए। केबिन में एटीएम मशीन के पास एक फर्जी हेल्प लाइन नंबर चिपकाया। फिर कार्ड स्लॉट में फेविक्विक लगा दिया। एक अन्य व्यक्ति रुपए निकालने गया तो उसका कार्ड मशीन में फंस गया। इसके बाद व्यक्ति ने चिपकाए गए नंबर पर कॉल किया। इस दौरान ठग ने खुद को बैंककर्मी बताकर पिन नंबर डालने के लिए कहा। जब पीड़ित पिन डाल रहा था, उस वक्त दूसरा ठग उसी एटीएम केबिन खड़ा था। आरोपी ठग ने पिन डालते हुए देख लिया। कार्ड मशीन से नहीं निकला। इसके बाद वह व्यक्ति कार्ड वैसे ही छोड़कर चला गया। इसके बाद दोनों ठगों ने प्लास से कार्ड को खींचकर निकाल लिया। इसके बाद पिन डालकर खाते से 20 हजार रुपए निकाल लिए। घटना 3 फरवरी को शाम करीब 7 बजे मनमोहन पार्क के पास स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम में हुई।
अब जानिए पूरा मामला…. मिंटो रोड के रहने वाले दुर्गेश प्रताप सिंह एक निजी सीमेंट कंपनी में अकाउंटेंट हैं। दुर्गेश प्रताप सिंह ने बताया- मैं 3 फरवरी की शाम को एचडीएफसी बैंक के एटीएम में रुपए निकालने गया था। जैसे ही मैंने अपना डेबिट कार्ड कार्ड मशीन के स्लॉट में डाला, वह अचानक फंस गया। मैंने कार्ड को निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं निकला। जब कार्ड बाहर नहीं निकला तो मैं घबरा गया। आसपास के लोगों को बुलाया। उन्होंने भी मशीन से कार्ड निकालने की कोशिश की, लेकिन कार्ड निकला नहीं। इसी दौरान मेरी नजर एटीएम केबिन में चिपके एक हेल्पलाइन नंबर पर पड़ी। मैंने मदद के लिए उस नंबर पर कॉल किया। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मी बताया। उसने मुझसे एटीएम पिन डालने को कहा। ठीक उसी वक्त एक युवक एटीएम केबिन के अंदर आ गया और मदद करने के बहाने दुर्गेश के पीछे खड़ा हो गया। वह पिन देख रहा था।
सुबह कैश वैन आएगी- कहकर भेज दिया बाहर दुर्गेश ने बताया- फोन पर बात कर रहे कथित बैंक कर्मी ने कहा- अभी कार्ड नहीं निकलेगा, सुबह कैश वैन टीम आएगी तो कार्ड निकाल दिया जाएगा, इसलिए वह घर चले जाएं। मैं उसकी बातों में आ गया। इसके बाद मैं एटीएम से बाहर निकल गया। लेकिन कुछ ही देर बाद मेरे मोबाइल पर खाते से 20,000 रुपए निकलने का मैसेज आया। मैसेज देखते ही मैं हैरान रह गया कि रुपए तो मैंने निकाले नहीं, फिर अकाउंट से रुपए निकलने का मैसेज कैसे आ गया। दुर्गेश ने बताया- मैं तुरंत ही एटीएम वापस पहुंचा, केबिन के अंदर जाकर देखा तो मशीन में कार्ड नहीं था। इसके बाद 4 फरवरी को मैं बैंक पहुंचकर जानकारी की। वहां सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। सीसीटीवी फुटेज में क्या दिख रहा फुटेज में साफ दिखा कि एक युवक पहले एटीएम केबिन में घुसा। उसने मशीन के पास फर्जी हेल्पलाइन नंबर चिपकाया और कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक लगा दी। इस दौरान युवक बार-बार पीछे मुड़कर देख रहा है। वह डर भी रहा कि कहीं कोई देख न ले। वह मशीन में फेवीक्विक लगाकर चला गया। इसके बाद दुर्गेश एटीएम से रुपए निकलने पहुंचे। उन्होंने मशीन में कार्ड लगाया। कार्ड मशीन में फंस गया। दुर्गेश कार्ड निकालने की कोशिश करते हैं। पूरी ताकत उसे खींचते हैं। लेकिन कार्ड निकला नहीं। इसके बाद आसपास के लोगों को बुलाया। उन्होंने भी कार्ड को निकालने की कोशिश की, लेकिन कार्ड नहीं निकला। फिर दुर्गेश ने वहां पहले से चिपके हुए नंबर पर कॉल करते हैं। फोन पर एक युवक बैंक कर्मी बनकर बात करता है। वह दुर्गेश से पिन डालने के लिए कहता है, जबकि उसका एक साथी पीछे खड़े होकर पिन देख लेता है। दुर्गेश के जाने के बाद दोनों युवक दोबारा एटीएम केबिन में आते हैं। फुटेज में दिखता है कि वे प्लास की मदद से कार्ड निकालते हैं और फिर किसी दूसरे एटीएम में जाकर उसी कार्ड से 20 हजार रुपए निकाल लेते हैं। पुलिस को सौंपी तहरीर और फुटेज पीड़ित ने इस मामले में कर्नलगंज थाने में तहरीर दी है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपा है। डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।


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