कानपुर के आउटर में 5800 करोड़ की कीमत से बन रही रिंग रोड की सौगात 2028 तक लोगों को मिल जाएगी। इसको पांच हिस्सों में बांटकर बनाया जा रहा है। जिसमें पहले हिस्से का काम 50 प्रतिशत तक लगभग पूरा हो गया है। अन्य सभी हिस्सों का काम 2027 तक पूरा हो जाएगा। जिसके बाद 2028 में इस पर वाहन फर्राटा भरेंगे। 94.659 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड को पहले चार लेन का बनाया जा रहा था। जिसको अब 6 लेन का किया जा रहा है। एनएचएआई के सह क्षेत्रीय अधिकारी यूपी पश्चिमी गौतम विशाल ने बताया कि सितंबर 2026 तक सचेंडी से मंधना तक 23.325 किलोमीटर के पहले हिस्से का काम पूरा हो जाएगा। हालांकि पहले हिस्से के पूरा होने के बाद संचालन सभी हिस्से कंप्लीट होने के बाद होगा या फिर पहले ही शुरु हो जाएगा। इस पर फैसला मुख्यालय लेगा। शहर में ट्रैफिक का लोड कम होगा
उन्होंने बताया कि रिंग रोड के बनने के बाद वह वाहन जिनको कानपुर नहीं आना है। किसी अन्य जिले जाने है। वह रिंग रोड के रास्ते से कानपुर शहर में अंदर आए बिना दूसरे हाइवे पर निकल जाएंगे। ऐसा होने से यात्रा समय में लगभग 60 प्रतिशत की कमी आएगी तथा औसत गति में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि होगी। साथ ही शहर में ट्रैफिक का लोड भी कम होगा।
3300 मीटर का गंगा पुल, फ्लाईओवर और अंडर पास
एनएचएआई के बताया कि इस रिंग रोड में तीसरे हिस्से के अंतर्गत गंगा नदी पर 3300 मीटर लंबाई का एक प्रमुख पुल निर्माण हेतु प्रस्तावित है। इसके अलावा इस रिंग रोड में 06 प्रमुख पुल, 26 लघु पुल, 13 फ्लाईओवर, 09 रेलवे ओवरब्रिज, 15 व्हीकुलर अंडरपास, 24 लाइट व्हीकुलर अंडरपास, 06 स्माल व्हीकुलर अंडरपास, 55 स्लैब कल्वर्ट और एक एनएचएआई का भवन बनेगा। एयरपोर्ट से जुड़ेगा, 100 किमी. की स्पीड से दौड़ेंगे वाहन NHAI के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि इस रिंग रोड को हम चकेरी एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 1.5 किलोमीटर के लिंक रोड का निर्माण किया जा रहा है। पैकेज वन पूरा होने के बाद यातायात संचालित किया जा सकता है। लेकिन इस पर फैसला मुख्यालय लेगा। 6 लेन की इस रिंग रोड की मैक्सिमम स्पीड 100 किमी प्रति घंटा तय की गई है। इस रिंग रोड में 13 टोल प्लाजा बनाए जा रहे हैं। यह रिंग रोड क्लोज टोलिंग प्रणाली पर जारी रहेगी। टोल के माध्यम से चढ़ेंगे व टोल से ही उतरेंगे। ऐसा होने से दुर्घटनाएं न के बराबर होगी। जिससे ब्लैक स्पाट की संभावना न के बराबर रहेंगी।
रिंग रोड से जुड़ेगा लखनऊ – कानपुर एक्सप्रेस वे परियोजना निदेशक ने बताया कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे कड़ेर पटारी गांव में उतर रहा है। वहां से इसको रिंग रोड में जोड़ा जाएगा। वहां पैकेज तीन व पैकेज टू बी के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। ऐसे में जिनको इस एक्सप्रेस वे के बाद कानपुर के अलावा अन्य जिलों में जाना है। वह शहर के ट्रैफिक से बचकर रिंग रोड से गुजरते हुए अन्य जिलों की ओर जा सकते हैं। यह रिंग रोड कानपुर नगर, कानपुर देहात व उन्नाव को जोड़ रही है। यह मंधना, सचेंडी, रमईपुर, चकेरी और ट्रान्स गंगा सिटी (उन्नाव) से गुजर रहा है।
कितने पैकेज में कितने किमी. रोड बनेगा, वो जानिए-
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