क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन की तरफ से शनिवार को लखनऊ के खिलाड़ियों ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ लखनऊ के कार्यालय का घेराव किया। यह विरोध प्रदर्शन लखनऊ प्रीमियर लीग के चयन में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर किया गया। मौके पर प्लेयर्स के पहुंचने पर बीबीडी बैडमिंटन एकेडमी का गेट बंद कर दिया गया। खिलाड़ियों ने लखनऊ क्रिकेट एसोसिएशन में नवनीत सहगल, खलीक अहमद के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। उनके होश में आने की बात कही। क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह ने आरोप लगाया कि लखनऊ प्रीमियर लीग में लखनऊ के स्थानीय खिलाड़ियों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह लीग केवल लखनऊ के पंजीकृत खिलाड़ियों के लिए बनाई गई है, इसलिए अन्य जनपदों व बाहरी प्रांतों के खिलाड़ियों को इसमें शामिल नहीं किया जाना चाहिए। मुरादाबाद एसोसिएशन के सचिव प्रदीप पांडे ने कहा कि नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और मुरादाबाद जैसे जिलों के खिलाड़ियों को लखनऊ प्रीमियर लीग में शामिल किया जाना नियमों के विरुद्ध है। लखनऊ प्रीमियर लीग का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देना है। प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों ने अपनी प्रमुख मांगों में लखनऊ प्रीमियर लीग से बाहरी जनपदों के 55 खिलाड़ियों को बाहर करने, क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ की लीग ‘एबीसी’ के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को लखनऊ प्रीमियर लीग में अवसर देने तथा लीग के चयन प्रक्रिया को दोबारा कराने की मांग रखी। इसके अलावा, खिलाड़ियों ने प्रत्येक फ्रेंचाइजी को 18 से 20 खिलाड़ियों को रखने की अनुमति देने और अधिकतम दो बाहरी खिलाड़ियों को शामिल करने की मांग की। साथ ही, पिछले तीन वर्षों से क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ की लीग में भाग ले रहे खिलाड़ियों को ही लखनऊ प्रीमियर लीग में खेलने का अधिकार दिए जाने की मांग की गई। खिलाड़ियों ने क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 17 फरवरी तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे और लखनऊ प्रीमियर लीग का आयोजन नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही, लखनऊ क्रिकेट एसोसिएशन में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग भी उठाई गई।
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