वाराणसी के दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। दालमंडी में बुलडोजर एक्शन भी शुरू हो गया है। इसी बीच नगर निगम ने 23 जर्जर मकानों को नोटिस जारी कर उन्हें तीन दिन में खाली करने की बात कही है। 31 जनवरी को जारी इन नोटिस में तीन दिन का समय दिया गया था। लेकिन अभी तक ये मकान खाली नहीं किए गए हैं और इसमें आज भी लोग रह रहे हैं। ऐसे में पीडब्ल्यूडी विभाग ने इन्हे 9 फरवरी तक खाली करने की मुनादी करवाई है। पीडब्ल्यूडी की मानें तो नगर निगम के अधिकारियों ने नोटिस देने के बाद दोबारा मकानों को खाली करवाने की कवायद शुरू नहीं की जबकि ये मकान जर्जर हैं और अगल-बगल में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान गिर सकते हैं। जिससे बड़ी जनहानि हो सकती है। 23 मकानों को नगर निगम ने घोषित किया जर्जर नगर निगम वाराणसी ने दालमंडी के 23 मकानों को जर्जर घोषित किया है। इन सभी मकानों को नोटिस जारी की गयी है। सभी मकानों को नोटिस जारी करते हुए नगर आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि – क्षेत्रीय अवर अभियन्ता चौक द्वारा 31 जनवरी को दी गयी रिपोर्ट से यह प्रतीत होता है संरचना (भवन, दीवाल, गुंडेर, फर्षों, सीढिया, जगले दरवाजे अथवा खिडकी के चौखटे संवारक, छत या दीवार साहुल में नहीं है, बारजा क्षतिग्रस्त है। संरचना से लगी हुई, बाहर निकली हुई या उस पर आश्रित) खंडहर गिरने वाला है और उस व्यक्ति के लिए खतरनाक है, जो उसमें अथवा उसके पड़ोस में किसी अन्य संरथना या स्थल में रहता है। वहां आता-जाता है या उसके पास से गुजरता है। हटाने या मरम्मत करने का दिया निर्देश, 3 दिन की मोहलत नगर आयुक्त ने अपनी इस नोटिस में आगे मकान मालिक से अनुरोध करते हुए कहा है – आपसे अनुरोध किया जाता है, कि उपरोक्त संरचना जो गिरा दें या उसे हटा दें अथवा उसकी मरम्मत कर दें अथवा उससे पैदा होने वाले संकट से समस्त कारणों को 03 दिन के अन्दर दूर कर दे। आपसे यह अपेक्षा की जाती है, कि आप या तो तुरन्त या उपयुक्त संरचना या चीज को गिराने, हटाने अथवा उसकी मरम्मत से पहले आने जाने वाले लोगों और आस-पड़ोस की सुरक्षा के लिए उचित उपाय करेंगे। इस नोटिस में यह लिखा गया है कि यदि आप इस नोटिस द्वारा दी गयी, आज्ञा का सल्लंघन करें या आदेश का अगुपालन न करेंगे तो ऐसे प्रत्येक अपराध के लिए आपको अर्थदण्ड हो सकता है। पीडब्ल्यूडी ने करवाई मुनादी नगर निगम के द्वारा नोटिस देने के बाद कोई प्रभावी कार्रवाई न करने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने सभी मकानों को खाली करने की मुनादी कराई है। सभी को तीन दिन के अंदर मकानों को खाली करने को कहा गया है। 9 फरवरी को इन मकानों में ध्वस्तीकरण का हथौड़ा चलेगा। पीडब्ल्यूडी के अभियंता के अनुसार ये सभी मकान जर्जर हैं और इसमें लोग रह रहे हैं। सभी मकानों की मुनादी करवाई गयी है और खाली करने का निर्देश दिया गया है। हम अपनी कार्रवाई जल्द ही इन मकानों पर भी शुरू करेंगे। नगर निगम का सहयोग मिलता तो यह मकान पहले ही खाली करा लिए जाते। इन 23 मकानों को दी गयी है नोटिस नगर निगम ने जिन मकानों को नोटिस दी है। ये सभी मकान 100 साल से ज्यादा पुराने हैं और जर्जर अवस्था में हैं। लेकिन इसमें लोग जान जोखिम में डालकर रह रहे हैं। ऐसे में मकान संख्या सीके 40/68, सीके 40/70, सीके 40/69, सीके 67/25 -A, सीके 43/113-A, सीके 39/9, सीके 39/3,4, सीके 70/79, सीके 40/71, सीके 43/158, सीके 43/152, सीके 42/106, 107, 108, सीके 42/100,101, सीके 42/96-A, सीके 69/1, सीके 69/2, सीके 69/31-A, सीके 69/29, सीके 42/4, सीके 42/5,6, सीके 42/88, सीके 69/24-A और सीके 69/24 को नोटिस दी गयी है। अब जानिए क्या है दालमंडी प्रजेक्ट वाराणसी की दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री ने अपने 51वें काशी के दौरे पर इस कार्य का शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 215.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 186 भवन, दुकान स्वामियों को 191 करोड़ रुपए मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे। 60 फुट चौड़ी होगी सड़क पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार नई सड़क से लेकर चौक थाने तक 650 मीटर की दाल मंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाना है। इसमें 30 फुट की सड़क और दोनों तरफ 15-15 फुट की पटरी होगी। इसके अंदर बिजली, सीवर और पानी की व्यवस्था अंडरग्राउंड की जाएगी। यहां तारों का जंजाल साफ किया जाएगा। 220 करोड़ से बनेगी 650 मीटर लंबी सड़क नई सड़क से चौक थाने तक गई दालमंडी की कुल लंबाई 650 मीटर है। इस सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा करने का मसौदा पास हो चुका है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन 220 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ और 2 करोड़ रुपए रिलीज भी कर दिए गए। पीडब्ल्यूडी की टीम ने कहां कितनी सड़क चौड़ी है, कौन सा मकान कितनी जद में आ रहा है, 181 घरों की नपाई के बाद उनकी रजिस्ट्री शुरू हुई और ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हुआ है। इसके अलावा इसमें 6 मस्जिदें भी हैं। PWD के अधिकारियों ने डेटा तैयार किया। इस डेटा के हिसाब से मुआवजे का आकलन किया गया था। जो लगभग 191 करोड़ रुपए हैं। अभी तक 29 मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है। धीरे-धीरे मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। अब तक 29 मकानों की हुई रजिस्ट्री पीडब्ल्यूडी के अभियंता केके सिंह ने बताया – दालमंडी के प्रोजेक्ट को सीएम के निर्देश के क्रम में मिशन के तहत काम किया जा रहा है। ऐसे में अभी तक कुल 29 मकानों की रजिस्ट्री की जा चुकी है। इसमें कुल 104 कास्तकारों ने रजिस्ट्री की है। सभी को कुल 23 करोड़ रुपए बांटा जा चुका है। 15 मकानों को पूरी तरह से तोड़ा जा चुका है। दस मकानों में काम चल रहा है। वहीं तीन मकान नए तोड़े जा रहे हैं। जिसमें बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है।
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