बुलंदशहर जिले में बिजली चोरी के मामलों के निपटारे के लिए शुरू की गई एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के पहले दो चरण पूरे हो चुके हैं, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दो महीने की अवधि में केवल 11.78 प्रतिशत बकाएदारों ने ही अपने बकाया बिल जमा कराए हैं। जिले में बिजली चोरी के कुल 24,400 बकाएदार हैं, जिन पर बिजली विभाग का 272.18 करोड़ रुपये बकाया है। ओटीएस योजना के तहत अब तक सिर्फ 2,875 उपभोक्ताओं ने 6.42 करोड़ रुपये जमा किए हैं। इन उपभोक्ताओं को विभाग की ओर से 3.96 करोड़ रुपये की छूट दी गई है। 300 करोड़ की वसूली का था लक्ष्य
बिजली विभाग ने करीब 300 करोड़ रुपये की वसूली के उद्देश्य से ओटीएस योजना शुरू की थी, लेकिन प्रचार-प्रसार की कमी और अधिकारियों की कथित उदासीनता के चलते बकाएदार उपभोक्ता योजना में खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बिजली चोरी के लंबित मामलों में खुर्जा खंड में सबसे अधिक बकाएदार हैं। यहां 4,243 उपभोक्ताओं पर 23.52 करोड़ रुपये बकाया है। जहांगीराबाद पर सबसे भारी बकाया
कुल बकाया राशि के मामले में जहांगीराबाद खंड सबसे आगे है। यहां 2,152 उपभोक्ताओं पर 102.47 करोड़ रुपये का बकाया है, जो जिले में सबसे ज्यादा है। खंडवार जमा और बकाया की स्थिति अब तीसरे चरण पर टिकी उम्मीद
विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब ओटीएस योजना के अगले चरण में प्रचार तेज करने और सख्ती बढ़ाने की तैयारी है। हालांकि, पहले दो चरणों के कमजोर प्रदर्शन ने योजना की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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