मौसम में बदलाव का सीधा असर रामपुर जिला अस्पताल पर पड़ रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 750 से 800 नए मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि प्रतिदिन 100 से 150 मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती किया जा रहा है।मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण जिला अस्पताल की इलाज व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव बन गया है। मरीजों को पर्चा बनवाने और डॉक्टरों से परामर्श लेने के लिए लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। इस भीड़ के कारण अस्पताल में तैनात डॉक्टरों की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।
रामपुर जिला अस्पताल में मानक के अनुसार 30 डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल 11 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इनमें से एक डॉक्टर सीएमओ कार्यालय से संबद्ध हैं, जिससे अस्पताल में केवल 10 डॉक्टरों पर ही सैकड़ों मरीजों के इलाज का पूरा भार आ गया है। इस स्थिति में डॉक्टरों को लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है और जल्द ही जिला अस्पताल को पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस बी. सक्सेना ने जानकारी दी कि डॉक्टरों की कमी को लेकर शासन को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। उल्लेखनीय है कि रामपुर जिला अस्पताल 150 बिस्तरों का प्रस्तावित अस्पताल है। गर्मी के मौसम में स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि एक-एक बिस्तर पर दो से तीन मरीजों को भर्ती करना पड़ता है। सीमित संसाधनों के बावजूद डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों और चिकित्सा कर्मचारियों दोनों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
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