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गोरखपुर में चाइनीज मांझे से बुलेट सवार का चेहरा कटा:सड़क पर गिरा, राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल; गाल पर लगे 8 टांके

गोरखपुर में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ है। बड़हलगंज कस्बे के बाईपास रोड निवासी कारोबारी आलोक दुबे शुक्रवार दोपहर मांझे से गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक से घर लौटते समय मांझे ने उनके चेहरे को काट दिया, जिससे वह सड़क पर गिर पड़े। राहगीरों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। उनके गाल पर 8 टांके लगे है। अब जानिए पूरा मामला
घटना शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे की है। आलोक दुबे दोहरीघाट से सामान लेकर बड़हलगंज स्थित अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वह दोहरीघाट पुल पार कर रहे थे, अचानक उनके चेहरे पर कुछ चुभने जैसा महसूस हुआ। जब तक उन्होंने हाथ लगाया, तब तक चाइनीज मांझे से चेहरा बुरी तरह कट चुका था। बुलेट से गिरकर हुए घायल
मांझे से कटने के बाद आलोक दुबे संतुलन खो बैठे और बुलेट से सड़क पर गिर पड़े। उनके चेहरे से काफी खून बहने लगा। मौके पर मौजूद कुछ राहगीरों ने उन्हें पहचान लिया और तुरंत दुर्गावती अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। चाइनीज मांझे पर रोक की मांग घटना के बाद अर्पित शाही, डॉ. शिवेंद्र सिंह, डॉ. प्रशांत सिंह, राजेश पाल और आदर्श चौबे सहित कई लोगों ने चिंता जताई। उनका कहना है कि- “चाइनीज मांझे से हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। अगर इस पर सख्ती से रोक नहीं लगी, तो यह किसी की जान भी ले सकता है।”
लोगों ने प्रशासन से चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पढ़िए योगी ने क्या-क्या कहा था ?
योगी ने 5 फरवरी को कहा था कि अब अगर चाइनीज मांझे से किसी की जान जाती है तो हत्या का केस दर्ज कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। चाइनीज मांझे की जब्ती के लिए पूरे प्रदेश में यूपी पुलिस सघनता से अभियान चलाएगी। CM ने साफ किया कि चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध है। इसकी बिक्री और इस्तेमाल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। योगी ने पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया कि इस अवैध नेटवर्क की पहचान करें। तत्काल छापेमारी कर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। लखनऊ में 4 और 5 फरवरी को चाइनीज मांझे की वजह से हुईं घटनाएं- 1. स्कूटी सवार रिटायर्ड फौजी का गाल और होंठ कटा लखनऊ में एक पूर्व फौजी को मांझा गर्दन से थोड़ा ऊपर जबड़े और होंठ में लग गया। इससे उनके चेहरे पर 10 इंच लंबा गहरा घाव हो गया। मांझा गर्दन में न लगने से पूर्व फौजी की जान बच गई। 30 टांके लगे हैं। यह दुर्घटना शहीद पथ पर गुरुवार दोपहर हुई। यह मांझे से हुई 24 घंटे में दूसरी दुर्घटना थी। पूरी खबर पढ़ें 2. लखनऊ में चलती बाइक पर एमआर का गला कटा 4 फरवरी को लखनऊ में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने की वजह से एमआर की मौत हो गई थी। वह बाइक से जा रहे थे। तभी उनके गले में चाइनीज मांझा फंस गया। खून से लथपथ होकर वह बाइक समेत गिर गए और करीब 10 मिनट तक तड़पते रहे। राहगीरों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान मोहम्मद शोएब (33) के रूप में हुई। घटना दोपहर करीब 2 बजे की खाला बाजार थाना क्षेत्र के हैदरगंज ओवरब्रिज की है। पढ़ें पूरी खबर एक साल में चाइनीज मांझे से 8 की जान गई लखनऊ (11 दिसंबर 2025): बाइक से अपने घर जा रहे युवक की गर्दन कट गई थी। डॉक्टरों ने गले में सात टांके लगाकर युवक की जान बचाई थी। जौनपुर (10 दिसंबर 2025): बेटे को स्कूल छोड़कर बाइक से लौट रहे कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर संदीप तिवारी की मौत हो गई थी। उनका गला कट गया था। शाहजहांपुर (23 अक्टूबर 2025): थाना कांट क्षेत्र के नगला जाजू निवासी 26 वर्षीय रवि शर्मा पत्नी के साथ ससुराल जा रहे थे। रोजा के हांडा पुल के पास चाइनीज मांझा गर्दन में लगा। मौके पर गंभीर चोट, अस्पताल में मौत हुई। अलीगढ़ (30 सितंबर 2025): 28 साल के सलमान स्कूटर से दुकान जा रहे थे। जमालपुर पुल पर चाइनीज मांझा गर्दन में उलझा, गहरा कट लगा। अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गोरखपुर (29 जुलाई 2025): अमित गुप्ता मां के साथ बाइक से धर्मशाला जा रहे थे। सूरजकुंड पुल पर मांझा गर्दन में फंसा, 4 नसें कट गईं। हेलमेट होने के बावजूद गंभीर चोटें आईं। लंबा ऑपरेशन हुआ, जान बच गई। शाहजहांपुर (11 जनवरी 2025): ड्यूटी पर जा रहे कांस्टेबल शाहरुख हसन चाइनीज मांझे की चपेट में आए। गर्दन पर तेज कट लगा, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यूपी में बैन है चाइनीज मांझा यूपी में चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बाद भी इसकी बिक्री हो रही है। भारत में सामान्य धागे से पतंग की डोर तैयार होती है, लेकिन चीन में नायलॉन के साथ मेटलिक पाउडर का उपयोग होता है। इसमें कांच और लोहे के चूरे को भी मिलाया जाता है ताकि धार और तेज हो। नायलॉन के धागे के कारण पेच लड़ने पर खिंचाव बढ़ता है और चाइनीज मांझा कटता नहीं है। कांच और लोहे का चूर्ण मिला यह मांझा गला रेतने के लिए पर्याप्त होता है।


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