‘तेरा शेर हमने मार दिया है, उसको जाकर उठा लाओ…वो मेरी भांजी को लेकर भागा था, उसे मारना मेरी मूंछ का सवाल बन गया था।’ हाथरस में 10 गोली मारकर सेना के जवान की हत्या कर दी। वारदात के 20 मिनट बाद 8 हमलावर जवान के घर पहुंचे और उसकी मां से ये बातें कहीं। यह सुनते ही महिला फूट-फूट कर रोने लगीं। इसके बाद आरोपियों ने हथियार दिखाते हुए ग्रामीणों को धमकाया। कहा- कोई भी महिला के घर लाश उठाने नहीं जाएगा। अगर गया तो उसका भी वही हश्र किया जाएगा, जैसा जवान का किया गया है। धमकी देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। जवान के परिजनों का कहना है कि इस मामले में एक आरोपी विक्रम भी शामिल है, जिसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा चल रहा है। जवान और विक्रम एक ही गांव के हैं, उनके घरों की दूरी सिर्फ 50 मीटर है। दरअसल आर्मी के जवान अखिलेश ने 3 साल पहले लड़की को भगाकर शादी की थी। उस लड़की के मामा उसी के गांव में रहते हैं। मामा का बेटा विक्रम क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है। जवान की बहन ने भाभी के मामा और उनके बेटे समेत 13 लोगों पर हत्या का केस दर्ज कराया है। शुक्रवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद जब जवान का शव गांव पहुंचा, तो पूरे गांव में मातम छा गया। जवान के 2 साल के बेटे ने पिता को मुखाग्नी दी। पहले देखिए 3 तस्वीरें… अब पढ़िए पूरा मामला… सादाबाद क्षेत्र के गांव समदपुर में रिटायर्ड सैनिक देवेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ रहते थे। देवेंद्र सिंह के तीन बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा अखिलेश सिंह और दो बेटियां थी। बेटा अखिलेश सिंह (28 वर्ष) आगरा कैंट में भारतीय सेना में तैनात था। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है और वह अपने पति के साथ जम्मू में सेना में तैनात हैं। जबकि छोटी बेटी अविवाहित है और दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। गांव में केवल अखिलेश की मां ही रहती थीं, जबकि पिता देवेंद्र सिंह बड़ी बेटी के पास जम्मू गए हुए थे। अखिलेश सिंह वर्ष 2018 में भारतीय सेना की ईएमई कोर में ड्राइवर पद पर भर्ती हुए थे। उनकी पहली पोस्टिंग लेह-लद्दाख में रही, इसके बाद चंडीगढ़ में तैनाती हुई और वर्तमान में वे आगरा में कार्यरत थे। गुरुवार को अखिलेश सिंह हाथरस कोर्ट में हत्या के प्रयास मामले में पेशी पर गए थे। पेशी के बाद वे अपने एक दोस्त की कार से आगरा लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार चन्द्रा फार्म हाउस के पास पहुंची, वहां गांव के परिचित श्यामवीर सिंह खड़े दिखाई दिए। अखिलेश ने उन्हें देखकर कार की रफ्तार धीमी कर दी। थार से ओवरटेक कर मारी गोली
इसी दौरान अचानक एक थार गाड़ी ने ओवरटेक करते हुए अखिलेश की कार में टक्कर मार दी। इसके तुरंत बाद पीछे से एक इको कार, स्कॉर्पियो और एक बाइक पर सवार करीब 12-13 हमलावर मौके पर पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाने के लिए अखिलेश कार से उतरकर भागे। लेकिन रमेश, जगवीर, अंकित, के.के. पंडित, भोला और 2-3 अज्ञात लोगों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद आरोपी विक्रम उर्फ विक्की, बॉबी उर्फ विशाल, हेमंत, राजा और गब्बर ने पिस्टल और तमंचों से फायरिंग करने लगे। अखिलेश के शरीर में 8 से 10 गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गांव के श्यामवीर सिंह ने पूरी घटना को देखा। वारदात के बाद आरोपियों ने श्यामवीर सिंह को धमकी देते हुए कहा- अगर उसने घटना के बारे में किसी को बताया, तो उसके और उसके परिवार के साथ भी यही अंजाम होगा। धमकी देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजनों का आरोप है कि यह हत्या पूरी तरह से पूर्व नियोजित साजिश थी। हमलावर लगातार आपस में संपर्क में थे। जवान ने शादी से इनकार किया, तो लड़की ने जहर खाया
अखिलेश सिंह ने गांव की भांजी निधि, निवासी मथुरा से लव मैरिज की थी। परिजनों के अनुसार- अखिलेश ने पहले इस शादी से इनकार कर दिया था। जिस पर निधि ने एक बार जहर खा लिया था। मजबूरी में अखिलेश को उससे शादी करनी पड़ी। इस विवाह से उनका करीब डेढ़ साल का एक बच्चा भी है। परिजनों का कहना है कि शादी के बाद अखिलेश का ससुराल पक्ष में आना-जाना शुरू हो गया था, लेकिन निधि के मामा और उसके परिजन इसे अपनी ‘मूंछों की इज्जत’ का सवाल मान बैठे थे। अखिलेश को जान से मारने की फिराक में थे। अखिलेश की बहन डॉली कुमारी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में मामा ससुर सहित 13 नामजद आरोपियों को शामिल किया गया है। ग्रामीणों में पुलिस को लेकर आक्रोश
घटना के बाद गांव समदपुर में पुलिस की कार्यशैली को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस सहायता 112 की गाड़ियां लगातार गश्त करती रहती हैं, लेकिन घटना के समय पुलिस कहां थी, इसका कोई जवाब नहीं है। घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। मृतक के पिता देवेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आरोपियों का एनकाउंटर कराने और उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है। …………… ये खबर भी पढ़ें… सेना के जवान की हत्या, सिर-सीने में मारी 6 गोली:हाथरस में ओवरटेक करके कार रोकी, हाईवे पर दौड़ाकर फायरिंग की हाथरस में दिनदहाड़े सेना के जवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कार सवार हमलावरों ने ओवरटेक करके जवान की कार को रोका। गाड़ी बैक कर भागने लगे, तो पहिए पर गोली मार दी। कार से निकलकर भागे तो बदमाशों ने पैर में गोली मारी। गोली लगते ही जवान जमीन पर गिर गए। 4-5 बदमाशों ने घेरकर सिर और सीने में 5-6 गोलियां मारीं। पढ़ें पूरी खबर…
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