गोरखपुर के मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने कलेक्ट्रेट का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व न्यायालयों, राजस्व व न्यायिक अभिलेखागार, ईआरके, नजारत, शस्त्र अनुभाग और अन्य कार्यालयों की व्यवस्थाओं व रिकॉर्ड की जांच की। अधिकारियों और कर्मचारियों को शासन के निर्देशों के अनुसार जिम्मेदारी और ईमानदारी से काम करने के निर्देश दिए। राजस्व न्यायालयों की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने लंबित मामलों की स्थिति देखी। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि पुराने मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसके लिए नियमित और प्रभावी सुनवाई सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय मिल सके।
राजस्व वसूली की प्रगति है संतोषजनक
सीआरए कार्यालय के निरीक्षण में मंडलायुक्त ने राजस्व वसूली की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बड़े बकाएदारों की सूची का अवलोकन किया और राजस्व वसूली की स्थिति को संतोषजनक बताया। किसान दुर्घटना बीमा योजना से जुड़ी पत्रावलियों की गहन जांच करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि इन मामलों में पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मदद मिले। ऑडिट, जीपीएफ और चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। रिकॉर्ड व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश
नजारत, संयुक्त कार्यालय और राजस्व अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड के रख-रखाव और कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने रिकॉर्ड प्रबंधन को और अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। शिकायत निस्तारण और शस्त्र अनुभाग की जांच
संयुक्त कार्यालय में IGRS के तहत आई शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की समीक्षा की गई और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। शस्त्र अनुभाग में शस्त्र नवीनीकरण, ट्रांसफर और नए आवेदनों से जुड़ी फाइलों की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा, अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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