हाथरस में राष्ट्रीय सवर्ण परिषद द्वारा प्रस्तावित ‘सवर्ण स्वाभिमान यात्रा’ को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में बताया गया है कि पंकज धवरैया यूजीसी के प्रस्तावित बिल और अन्य मुद्दों के विरोध में 7 फरवरी से हाथरस से एक जातीय रैली/पदयात्रा शुरू करने का आह्वान कर रहे हैं। यह यात्रा 12 फरवरी को नई दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास का घेराव और धरना प्रदर्शन करने वाली थी। पुलिस प्रशासन ने नोटिस में कहा है कि उच्च न्यायालय द्वारा 16 सितंबर, 2025 को पारित आदेश के अनुसार, प्रदेश में किसी भी संगठन या व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार की जातीय रैली, प्रदर्शन या धरना करने पर रोक लगाई गई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी इस पर प्रतिबंध है। इसके अतिरिक्त, हाथरस जनपद में जिलाधिकारी के आदेश पर धारा 144 सीआरपीसी (163 बीएनएसएस) लागू है, जो ऐसे आयोजनों को प्रतिबंधित करती है। नोटिस में राष्ट्रीय अध्यक्ष से यह भी कहा गया है कि उनके द्वारा पूर्व में भी कई बार शांति भंग करने के कृत्य किए गए हैं, जिससे समाज में तनाव और वैमनस्य उत्पन्न हुआ है। प्रस्तावित यात्रा से समाज के विभिन्न वर्गों में जातीय शत्रुता और वैमनस्य बढ़ने की आशंका है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधिकारी ने पंकज धवरैया को तत्काल प्रभाव से प्रस्तावित सवर्ण स्वाभिमान यात्रा को रद्द करने और सभी संबंधितों को सूचित करने का निर्देश दिया है। ऐसा न करने पर उन्हें जानबूझकर शांति भंग करने और समाज में वैमनस्यता उत्पन्न करने का दोषी माना जाएगा। निर्देश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई… इसके साथ ही, उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना और शासन के निर्देशों के उल्लंघन के लिए उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें माननीय न्यायालय और शासन के आदेशों का पालन करने तथा अन्य लोगों को भी इन निर्देशों से अवगत कराते हुए सामाजिक समरसता व शांति बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
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