DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

मऊ में वादों के निस्तारण की स्थिति खराब:डीएम नाराज, 3 अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए

मऊ में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 34 (नामांतरण) के तहत दायर वादों के निस्तारण की स्थिति पूरे प्रदेश में बेहद खराब है। इस मामले में अंतिम पांच जिलों में शामिल है। जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन और राजस्व बोर्ड की मंशा के विपरीत जनपद के पीठासीन अधिकारी घोर लापरवाही बरत रहे हैं। इसी कारण प्रदेश स्तर की रैंकिंग में जिले का प्रदर्शन खराब हुआ है। उन्होंने सभी पीठासीन अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। तीन पीठासीन अधिकारियों के विरुद्ध आख्या शासन एवं राजस्व बोर्ड को प्रेषित की जाएगी। यह कार्रवाई वादों के निस्तारण में गंभीर लापरवाही को देखते हुए की जा रही है। धारा 34 के वादों के निस्तारण के लिए 45 दिनों की समय सीमा निर्धारित है। हालांकि, बड़ी संख्या में मामले इस निर्धारित अवधि के बाद भी जनपद के विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं। जिलाधिकारी ने सभी पीठासीन अधिकारियों को लंबित वादों का तत्काल निस्तारण करने का निर्देश दिया है, विशेषकर तीन वर्ष से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता देने को कहा गया है। उच्च न्यायालय ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताई है। न्यायालय ने कहा है कि यदि 45 दिनों के भीतर धारा 34 के वादों का निस्तारण नहीं होता है, तो स्पष्ट और सही कारणों का उल्लेख करना आवश्यक है। ऐसा न होने पर संबंधित पीठासीन अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वादों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ पीठासीन अधिकारी धारा 34 के वादों को ‘अदम पैरवी’ (lack of prosecution) में खारिज कर रहे हैं। शासन और राजस्व बोर्ड इसे प्रतिकूल प्रवृत्ति मान रहे हैं। डीएम ने समस्त पीठासीन अधिकारियों को धारा 34 में दायर वादों का निस्तारण गुण दोष के आधार पर ही करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि अब पीठासीन अधिकारियों को लिखित में देना होगा कि धारा 34 में दायर वादो को 45 दिन के अंदर क्यों निस्तारित नहीं किया जा सका। जनपद के समस्त न्यायालयों में 45 दिन से 1 साल के बीच कुल 2343 वाद,1 वर्ष से 3 वर्ष के बीच कुल 372 वाद, 3 वर्ष से 5 वर्ष के बीच 50 वाद तथा 5 वर्ष से भी अधिक समय के कुल 3 वाद धारा 34 के तहत अभी भी निस्तारण हेतु लंबित हैं।


https://ift.tt/NE7uvfe

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *