संभल के चंदौसी में ज्वैलर्स के यहां GST के छापे में 33 करोड़ के सोने-चांदी के गहने पकड़ने की चौंकाने वाली कहानी सामने आई है। मुरादाबाद की GST विभाग के 15 से 20 अफसर अलग-अलग टीमों में आते और ज्वैलरी शो-रूम और कारोबारी पर नजर रख रहे थे। जैसे ही सर्राफा कारोबारी ने सोने-चांदी के गहने डंप किए, वैसे ही टीम ने छापा मार दिया। GST विभाग की टीम ने बुधवार को चंदौसी में सर्राफा कारोबारी हिमांशु अग्रवाल के यहां छापा मारा था। 21 घंटे की छापेमारी में टीम को 16 किलो सोना, 8 क्विंटल चांदी और करीब 34 कैरेट डायमंड मिला। इनका कारोबारी हिसाब नहीं दे पाया तो टीम ने जब्त कर लिया। ऐसे प्लान बनाया
एक GST अफसर ने बताया कि एक महीने से संभल के सर्राफा कारोबारियों पर नजर रखी जा रही थी। इसके लिए 15 से 20 अफसर अलग-अलग टीम में मुरादाबाद से संभल आते। कस्टमर बनकर ज्वैलरी के शो-रूम में जाते। रेट और कितना सोना है, ये पता करते। कुछ चौकीदार बनकर आने-जाने वाले माल पर नजर रखते।
जैसे ही सोने और चांदी के रेट कम हुए, वैसे ही कारोबारियों ने ज्यादा गहने खरीदने शुरू किए। चंदौसी के बड़ा बजार में मोंटू ज्वैलर्स की के मालिक हिमांशु अग्रवाल ने जैसे स्टॉक बढ़ाया। टीम ने छापे मार दिए। विरोध के बीच सर्राफा कारोबारी ने लगाया स्टेटस
करीब 21 घंटे चली छापेमारी के बाद टीम ने 1 करोड़ 20 लाख जुर्माना जमा कराया और 33 करोड़ का माल जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई का शहर के सर्राफा कारोबारियों ने विरोध किया। गुरुवार को दुकानें बंद कर लोग सड़क पर उतर आए। धरना प्रदर्शन किया। शिक्षा मंत्री गुलाब देवी की ब्लॉक प्रमुख बेटी डॉ.सुगंधा सिंह कारोबारियों के बीच पहुंचीं। भाजपा के नगर अध्यक्ष अंकुर अग्रवाल और केंद्रीय सफाई आयोग की पूर्व दर्जा राज्य मंत्री मंजू दिलेर भी पहुंचीं। उन्होंने व्यापारियों से बात की। आश्वासन के बाद व्यापारियों ने धरना समाप्त किया। शुक्रवार को बाजार भी खुला।
शुक्रवार को भी बाजार में इसको लेकर चर्चाएं चलती रहीं। इस पर कारोबारी हिमांशु अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर मैसेज लिया- GST अधिकारियों ने सर्वे के दौरान पूरी तरह सहयोग किया। हमने किसी भी प्रकार की बदलसलूकी को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। स्थानीय लोग जानकबूझकर बाजार में डर और अफवाह फैला रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत है।
अब समझिए पूरा मामला… चंदौसी के बड़ा बजार में मोंटू ज्वैलर्स की शॉप है। इसके मालिक हिमांशु अग्रवाल हैं। मुरादाबाद जोन के GST अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक कुमार सिंह ने बताया- करीब एक महीने से टीम मोंटू ज्वैलर की गतिविधियों और खरीद फरोख्त पर नजर रखी जा रही थी। सूत्रों की सटीक सूचना पर बुधवार दोपहर करीब एक बजे 10 अफसरों की टीम ने मोंटू ज्वेलर्स पर छापा मारा। टीम में 10 अधिकारी शामिल थे, जिनमें तीन महिला अधिकारी भी थीं। लोकल थाने की पुलिस को भी बुलाया गया था। बुधवार दोपहर 1 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई लगातार 21 घंटे तक चली। पूरी कार्यवाही कैमरे की निगरानी में की गई। महज आधा किलो सोना- एक क्विंटल चांदी का हिसाब दे सके: जांच के दौरान, ज्वेलर ने स्टॉक में केवल 439 ग्राम सोना और 120 किलोग्राम चांदी की ज्वेलरी का हिसाब दिया। जबकि मौके पर 16,638 ग्राम सोना, 875 किलोग्राम चांदी की ज्वैलरी और 34.43 कैरेट हीरा मिला। ये माल स्टॉक रजिस्टर में दर्ज नहीं था। बरामद सोने, चांदी और हीरे की ज्वैलरी का बाजार मूल्य लगभग 33 करोड़ रुपये आंका गया है। जांच अधिकारियों ने पूछताछ के इस माल को सीज कर कब्जे में लिया है। कार्रवाई के दौरान ज्वैलर्स के कर्मचारियों को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। न किसी बाहरी शख्स को अंदर आने दिया गया न किसीको बाहर जाने दिया गया। 1.20 करोड़ जुर्माना वसूला: जांच पड़ताल के बाद ज्वेलर पर 1.20 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया। जुर्माने का पैसा ऑनलाइन जमा कराया गया। जांच टीम ने ज्वेलर के शोरूम और आवास से कारोबार से संबंधित लूज पर्चे और मोबाइल फोन में मौजूद डेटा भी जब्त किया है, जिसकी आगे जांच की जाएगी। व्यापारियों ने विरोध में बंद की मार्केट
छापेमारी के दौरान बड़ा बाजार के अन्य व्यापारियों ने कार्रवाई के विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया था। बाजार बंद कर धरने पर बैठ गए थे। GST अफसरों के खिलाफ नारेबाजी की। गुरुवार सुबह भी व्यापियों ने मार्केट बंद रखी और दुकानों के बाहर धरने पर बैठे रहे। व्यापारी राजेश जिंदल ने बताया – महंगाई की वजह से सर्राफा बाजार में व्यापार ठप्प पड़ा है। इससे हम बहुत परेशान हैं। अफसरों की छापेमारी का चंदौसी में यह पांचवा-छठा छापा है। हमारा इस तरह का शोषण ना हो, हमें सुविधा मिले। ————– ये खबर भी पढ़ें सस्पेंड PCS अफसर बोले- जेल भेजो या गोली मार दो:अब डर नहीं लगता; सवर्ण मंत्रियों में शर्म है तो मानसिक गुलामी से निकलें सस्पेंड पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार चाहे जेल भेजे या गोली मारे, अब मुझे डर नहीं लगता। क्योंकि, जेल में भी 40 साल के बाद मुक्ति मिल जाएगी। सवर्ण मंत्रियों में शर्म है तो वे मानसिक गुलामी से बाहर निकलें। सवर्णों ने अब आवाज नहीं उठाई तो देश माफ नहीं करेगा। पूरी खबर पढ़ें
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