मैनपुरी जिले में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के नाम पर 10 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। औंछा थाना क्षेत्र के एक किसान के नाम पर धोखे से यह ऋण निकाला गया, जिससे बैंकिंग प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित किसान गंगासहाय उर्फ गंगाराम ने बताया कि कुछ समय पहले फिरोजाबाद के सिकंदरपुर पाढ़म निवासी कृपाल सिंह उर्फ नीरज यादव उनके घर आए थे। कृपाल ने गंगासहाय को केसीसी दिलवाने का झांसा दिया और इसके लिए जमीन की फर्द तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे। किसान ने विश्वास करके अपने कागजात उन्हें सौंप दिए। 18 अक्टूबर 2025 को गंगासहाय को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मैनपुरी शाखा ले जाया गया। वहां उनसे और उनके बेटे कृष्णगोपाल से कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए गए। इसके बाद उन्हें बताया गया कि केसीसी बनने में कुछ समय लगेगा। कुछ दिनों बाद कृपाल सिंह ने गंगासहाय को बताया कि उनका केसीसी नहीं बन पाएगा। किसान ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, 4 फरवरी 2026 को जब गंगासहाय ने अपनी जमीन की फर्द निकलवाई, तो उन्हें पता चला कि उनके नाम पर बैंक से 10 लाख रुपये का केसीसी ऋण पहले ही स्वीकृत होकर निकाला जा चुका है। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया है कि इस फर्जीवाड़े में कृपाल सिंह के साथ इकहरी निवासी शैलेन्द्र उर्फ रिंकू चौहान भी शामिल हैं। उनका यह भी कहना है कि बैंक कर्मियों की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी रकम का ऋण निकालना संभव नहीं था। जब किसान ने बैंक से संपर्क किया, तो उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ठगा हुआ महसूस कर रहे गंगासहाय ने अब न्याय के लिए मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है।
https://ift.tt/TPyir4S
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply