हाथरस में आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर मुन्नी देवी कोल्ड स्टोर के सामने बुधवार दोपहर लगभग 2:00 बजे सेना के जवान 28 वर्षीय अखिलेश को 6 आरोपियों ने उसकी गाड़ी को रोककर उसे गोलियों से भून दिया था। जिसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद जब उसका शव गांव पहुंचा तो उसके परिवार में कोहराम मच गया। तीन बहनों के मध्य अकेला भाई था । वह सन 2018 में सेना की ईएमई कोर में ड्राइवर के पद पर भर्ती हुआ था। राहुल पर हत्या के आरोप में केस दर्ज था राहुल की पहली पोस्टिंग लेह लद्दाख में थी इसके बाद वह चंडीगढ़ रहा वर्तमान में वह आगरा में तैनात था। उसके ऊपर हाथरस न्यायालय में मारपीट के और हत्या के प्रयास के मुकदमे दर्ज थे। बुधवार को वह न्यायालय में 307 धारा की पेशी करके आगरा वापस लौट रहा था रास्ते में मुन्नी देवी कोल्ड स्टोर के पास नामजदों ने उसकी गोलीमार की हत्या कर दी। नाम जड़ों के पास एक बाइक एक तर एवं एक एक गाड़ी थी। उसकी हत्या का पूर्व से नियोजित षडयंत्र था और आपस में नाम लगातार संपर्क बनाए हुए थे। एक गाड़ी में उसे मुन्नी देवी कुंड के पास उसकी गाड़ी को आगे से टक्कर मारी थी इसके बाद में गोलियों की बौछार कर दी। गांव में केवल उसकी मां रहती थी। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और वह अपने पति के साथ में सेना में जम्मू में रहती थी और वहीं पर उसके पिता थे। सूचना मिलने पर सभी लोग एकत्रित हो गए उसके पिता देवेंद्र ने मुख्यमंत्री योगी से दोषियों का एनकाउंटर करने एवं उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की है। गांव की भाजी से किया था प्रेम विवाह
मृतक अखिलेश ने गांव की भाजी निधि जो मथुरा की रहने वाली थी उसके साथ प्रेम विवाह किया था। मृतक के पिता ने बताया कि उसके पुत्र ने निधि से शादी करने से इनकार कर दिया था तो उसने एक बार जहर खा लिया था। इस कारण उसे मजबूर होकर उसके साथ शादी करनी पड़ी अब उसके करीब डेढ़ साल का एक बच्चा भी है। उसके पिता का कहना है अखिलेश का उसकी ससुराल में आना-जाना शुरू हो गया था और उसके ससुराल वाले भी हमारे घर आना-जाना शुरू हो गया था। लेकिन निधि के मामा और उसके परिजन इसको अपनी मूंछ की इज्जत की सवाल बना लिया था। और वह हमेशा उसके मारने की फिराक में रहते थे यही कारण था कि गांव में केवल उसकी मां रहती थी जिन बहनों की शादी नहीं हुई है वह दिल्ली रहकर तैयारी कर रही थी। और वह आगरा रह रहा था। पुलिस को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
मृतक के ग्राम समसपुर में पुलिस की कार्रवाई को लेकर काफी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार पुलिस मदद 112 चलती रहती है जिस समय अखिलेश पर आरोपियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं उस समय वह वेन कहां थी। आरोपी पकड़ से बाहर इस गोलीकांड को हुए 24 घंटे से अधिक हो गए हैं लेकिन अभी तक पुलिस एक भी आरोपी को पकाने में असफल रही है। आरोपियों ने अखिलेश को गोली मारकर उसकी मां से कहा कि तेरा शेर हमने मार दिया उसको जा उठा ला और ग्रामीणों से कहा यदि कोई वहां गया तो उसका भी अखिलेश की तरह से हाल करेंगे और वहां से धमकी देते हुए भाग गए। इसके साथ ही नामजद आरोपी के पूरे परिवार गांव से गायब हैं।
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