दुष्कर्म के दोषी आसाराम के अहमदाबाद स्थित आश्रम पर बुलडोजर चलने का रास्ता साफ हो गया है। गुजरात हाईकोर्ट ने आश्रम से संबंधित एक याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट के इस फैसले का शाहजहांपुर में रहने वाली पीड़िता के पिता ने स्वागत किया है। पीड़िता के पिता ने कहा कि आसाराम ने कई आश्रम सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाए हैं। उन्होंने मांग की कि ऐसे सभी आश्रमों की जांच कराई जाए और उन पर भी कार्रवाई की जाए ताकि सच सामने आ सके। उन्होंने मांग की है कि सरकारी भूमि पर बने अन्य आश्रमों को भी तोड़ा जाए। दरअसल, अहमदाबाद में आसाराम का यह आश्रम सरकारी भूमि पर बना था। इस सरकारी भूमि को खाली कराने का आदेश दिया था। इस कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने गुरूवार को खारिज कर दिया है। पीड़िता के पिता ने बताया कि आसाराम एक एकड़ जमीन खरीदकर उसके आसपास की सरकारी जमीन पर कब्जा कर लेता था। उसके बाद उस पर आश्रम बना लेता था। आसाराम का एक आश्रम शाहजहांपुर में भी है। पीड़िता के पिता ने बताया कि जब उनका परिवार आसाराम का अनुयायी था, तब उन्होंने ही इस आश्रम की जमीन खरीदी थी और उसे उनके नाम कर दिया था। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि भविष्य में उनके साथ ऐसा कुछ होगा।
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