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कानपुर में आज बारिश का अलर्ट:पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल छाए रहेंगे, वैज्ञानिक बोले- किसान फसलों की सिंचाई न करें

कानपुर में मौसम एक बार फिर पलटी मारेगा। पहाड़ों पर बर्फबारी से ठंड लौटेगी। तेज हवाएं चलेंगी। दिन में निकली रही तेज धूप में भी ठिठुरन का अहसास होगा। मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ों पर 9 फरवरी से फिर से बारिश या बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है। इसका असर कानपुर में भी दिखाई देगा गुरुवार को न्यूनतम तापमान 9.9°C दर्ज किया गया। जो कि सामान्य से 2.1°C ज्यादा रहा। वहीं बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान 2°C से बढ़कर 22.3°C दर्ज किया गया। जो कि सामान्य से 0.4 डिग्री ज्यादा रहा। मौसम के चलते 16 से अधिक ट्रेनें घंटों की देरी से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंची। वैज्ञानिक बोले- रोगों से बचाव के लिए फसलों में छिड़काव करें मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया- आने वाले दो दिनों में बारिश की संभावना है। अभी किसान सिंचाई को रोक दें। आने वाले दिनों में तेज हवाएं चलेंगी। जिसकी वजह से तापमान में उतार चढ़ाव जारी रहेगा। सीएसए के शाकभाजी विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. केशव आर्य ने बताया कि मौसम को देखते हुए आलू मे झुलसा रोग आने की संभावना दिख रही है। किसान भाइयों को पछेती झुलसा रोग से बचाव करना चाहिए। आलू की फसल पर रखें नजर आलू विशेषज्ञ डॉक्टर अजय यादव ने कहा- सायमोक्सनिल और 2.5 ग्राम मैंकोजेब दवा प्रति लीटर पानी के दर से अथवा एजोक्सीस्ट्रॉबिन और टीनूकोनाजोल 1 ग्राम दवा प्रति लीटर पानी कि दर से घोल बनाकर छिड़काव‌ करें, जिसमें झुलसा रोग से बचा जा सकता है। आलू की पत्तियों पर छोटी-छोटी बिंदी के रूप में बहुत सारे धब्बे दिखाई पड़ते हैं जो अलटरनेरिया की वजह से आता है। यह बिंदिया पोषक तत्व की कमी को जैसे भी दिखाई देते हैं जिसको मैनी लीफ कॉम्प्लेक्स डिजीज कहते हैं। इसका उपाय क्लोरोथेलोनील नाम की दवा ढाई ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाएं। जो एक किलोग्राम प्रति एकड़ के लिए पर्याप्त होता है। एक एकड़ में 15 लीटर की एक टंकी दवा का छिड़काव कर सकते हैं। 100 ग्राम से लेकर के 120 ग्राम एक टंकी में डालना चाहिए, जिससे काफी हद तक उसे रोग का कंट्रोल कर लेते हैं।


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