DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

इटावा में 7 करोड़ का फर्जी आईटीसी घोटाला:विभागीय सिस्टम और स्वीकृति प्रक्रिया जांच के दायरे में, सीए समेत 8 किए गिरफ्तार

इटावा में सात करोड़ तीन लाख रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। अब तक यह जांच चार्टर्ड अकाउंटेंट, उसके सहयोगियों और फर्जी फर्मों के नेटवर्क तक सीमित थी, लेकिन अब पुलिस ने विभागीय सिस्टम और आईटीसी स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया को भी जांच के दायरे में ले लिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बिना विभागीय अधिकारी के हस्ताक्षर के इतनी बड़ी राशि का आईटीसी आखिर कैसे पास हुआ और क्या इसमें किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका रही। अब तक सीए समेत 8 आरोपी गिरफ्तार करके जेल भेजे जा चुके है। विभागीय मिलीभगत या लापरवाही की जांच जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि करोड़ों रुपये का आईटीसी पास होना सामान्य प्रक्रिया नहीं है। किसी भी फर्म के पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग और आईटीसी स्वीकृति के दौरान कई स्तरों पर जांच और सत्यापन होता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बिना किसी विभागीय सहयोग के फर्जी फर्मों के जरिए इतने बड़े पैमाने पर आईटीसी कैसे निकलता रहा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं किसी अधिकारी की डिजिटल आईडी या हस्ताक्षर का दुरुपयोग तो नहीं किया गया या फिर किसी स्तर पर जानबूझकर आंखें बंद की गईं। डिजिटल साक्ष्य बने जांच का आधार इस मामले में पहले ही सीए तरुण अग्रवाल, अंकित जौहरी समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ के दौरान मिले दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और लॉग इन डिटेल की तकनीकी जांच कराई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई फर्में अलग अलग राज्यों और जिलों के पते पर पंजीकृत पाई गई हैं, ताकि जांच को भटकाया जा सके। डिजिटल ट्रेल काफी जटिल है और इसी के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आईटीसी स्वीकृति के दौरान सिस्टम में किस तरह के अनुमोदन दर्ज हुए। व्यापार कर विभाग में मचा हड़कंप घोटाले के सामने आने के बाद व्यापार कर विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय स्तर पर आंतरिक समीक्षा की बात सामने आ रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर कहां चूक हुई। कुछ अधिकारियों का कहना है कि कोविड काल में भौतिक जांच कम होने का फायदा उठाकर आरोपियों ने सिस्टम की कमजोरियों का इस्तेमाल किया। एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच पूरी सावधानी से की जा रही है और यदि किसी विभागीय अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।


https://ift.tt/HI6Bxzt

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *