झांसी में कलेक्टेट स्थित नवीन सभागार में गुरुवार को डीएम मृदुल चौधरी ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम 2026 को लेकर बैठक की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा- यदि प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को एल्बेंडाजॉल टेबलेट नहीं खिलाई जाती है तो ऐसे विद्यालयों की मान्यता रद्द की जाएगी। मीटिंग में मौजूद प्राइवेट स्कूलों के प्रधानाचार्य से डीएम ने कहा- 10 फरवरी को एक साल से लेकर 19 साल से कम उम्र के किशोर एवं किशारियों को टेबलेट खिलाएं। दवा स्कूल में ही खिलाई जाए। उनके अभिभावकों को किसी भी दशा में न दी जाए। जो प्राइवेट स्कूल एवं कॉलेज दवा खिलाने में लापरवाही बरतते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बार जनपद में 9,33,000 बच्चों को दवा खिलाई जाने का लक्ष्य है। घर-घर जाकर जागरूक करें जिलाधिकारी ने कहा कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करें कि बच्चों को 10 फरवरी के दिन बच्चों को अवश्य स्कूल भेजें ताकि उन्हें दवाई खिलाई जा सके।उन्होंने कहा कि अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए कि दवा खाने से बच्चों के पेट में जो कीड़े हैं वह मर जाते हैं। उन्होंने कहा कि घुमंतु परिवार के बच्चों सहित क्रेशर तथा कंस्ट्रक्शन साइट पर रह रहे परिवार के बच्चों पर भी फोकस करते हुए दवा खिलाई जाए। निजी स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि पूर्व के अभियान में प्राइवेट स्कूलों में 67 प्रतिशत ही बच्चों को दवा खिलाई गई। लेकिन इस साल शत-प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने उपस्थित प्रधानाचार्यों और विद्यालय प्रबंधकों को प्रार्थना सभा के दौरान रोड सेफ्टी और नशा मुक्ति के संबंध में वीडियो के माध्यम से बच्चों को जागरूक करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मरीजों को पोषण पोटली का वितरित की। गोली का ऐसे सेवन करना है नोडल अधिकारी डॉ. उत्सव राज ने बताया कि एक से 2 साल के बच्चों को आधा गोली खिलाया जाना है। 2 से 3 साल के बच्चों को पूरी गोली पीसकर खिलाई जानी है। जबकि 3 से 19 साल तक के बच्चों को पूरी गोली चबा-चबा कर खानी होगी। इसके बाद अधिक से अधिक पानी पीना अनिवार्य है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, डीआईओएस रती वर्मा, एसीएमओ डॉ एनके जैन, जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. यूएन सिंह, डॉ. अंशुमान तिवारी, डॉ. रवि शंकर, डॉ. खुशतर हैदर, डॉ जूही गोयल, डॉ रमाकांत सोनी, डीआईसी श्रीरामबाबू सहित विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य आदि उपस्थित रहे।
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