देवरिया के रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र के बिशुनपुर चिरकिहवा स्थित बूथ संख्या 39 पर 122 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इन मतदाताओं को अनुपस्थित दर्शाकर फॉर्म-7 भरकर बीएलओ को दिए गए हैं। इस घटना के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की पूर्व विधायक गजला लारी सूचना मिलने पर गांव पहुंचीं और बूथ पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से सूची से हटवाने का प्रयास है। पूर्व विधायक गजला लारी ने इसे मताधिकार से वंचित करने की साजिश बताया। उन्होंने कुछ भाजपा नेताओं की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया। लारी ने जिलाधिकारी और चुनाव आयोग से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने, निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने ग्रामीणों और मतदाताओं को विद्यालय परिसर में एकत्र कर प्रदर्शन किया और सभी से मतदाता सूची में अपने नाम की जांच करने की अपील की। जानकारी के अनुसार, बूथ संख्या 39 से संबंधित फॉर्म-7 बीएलओ को भेजे गए हैं। इन फॉर्मों में 122 मतदाताओं को अनुपस्थित दिखाकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की सिफारिश की गई है। आरोप है कि ये फॉर्म स्थानीय स्तर पर कुछ राजनीतिक व्यक्तियों के माध्यम से भेजे गए हैं। इस मामले में अटल मिश्रा और मंडल महामंत्री सत्यम मिश्रा के नाम भी सामने आए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब एक मतदाता ‘बिकाऊ’ ने उन आवेदनों पर अपने हस्ताक्षर होने से इनकार कर दिया, जिनके आधार पर उनके नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो कोई आवेदन दिया है और न ही मतदाता सूची से अपना नाम कटवाने की सहमति दी है। पूर्व विधायक गजला लारी ने इस प्रयास को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और एक गंभीर अपराध बताया। उन्होंने जिलाधिकारी और चुनाव आयोग से मांग की है कि फर्जी आवेदन देने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए और सभी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
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