पीलीभीत में समाजवादी पार्टी महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी दिव्या गंगवार ने सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए ‘वोट चोरी’ की साजिश रचने का दावा किया है। गुरुवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि एक विशेष समुदाय को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर फर्जी प्रपत्रों के जरिए मतदाता सूची से नाम कटवाने का प्रयास किया जा रहा है। दिव्या गंगवार ने बताया कि एक निजी प्रिंटिंग प्रेस से भारी संख्या में प्रारूप-07 (नाम कटवाने हेतु फॉर्म) छपवाए गए हैं। आरोप है कि सुपरवाइजरों और बीएलओ को 100 से लेकर 3000 तक फर्जी फॉर्म सौंपे गए, जिनका उद्देश्य एक खास समुदाय के मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाना है। उन्होंने कहा कि 6 जनवरी 2026 को नई मतदाता सूची जारी होने के बावजूद नाम काटने की यह प्रक्रिया अब भी जारी है। फर्जी हस्ताक्षरों और फर्जी मोबाइल नंबरों के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। पूर्व सपा विधानसभा अध्यक्ष बीडी प्रजापति ने आरोप लगाया कि उनके नाम और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर वोट कटवाने के फॉर्म जमा किए गए हैं, जबकि उन्होंने ऐसा कोई फॉर्म नहीं भरा। उन्होंने सचिन जायसवाल और अमरीश सिंह के नाम पर भी फर्जी हस्ताक्षरों से फॉर्म भरने की बात कही। इतना ही नहीं, एक बीएलओ का नाम कटवाने के लिए उसी को फर्जी फॉर्म थमा दिया गया, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है। इस प्रकरण को लेकर सपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम नागेंद्र पांडे को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन उनके आश्वासन से असंतुष्ट दिव्या गंगवार ने अब जिलाधिकारी से मुलाकात कर उच्चस्तरीय जांच की मांग करने का निर्णय लिया है। दिव्या गंगवार ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के नाम पर फर्जी फॉर्म भरे गए हैं, वे शपथ पत्र देने को तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि सभी फॉर्म एक ही फॉन्ट और एक ही प्रिंटिंग प्रेस से छपे हुए हैं, जो एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष जांच कर फर्जी फॉर्मों को निरस्त नहीं किया, तो वे न्यायालय का रुख करेंगी।
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