बागपत में ग्राम पंचायत सचिवों ने विकास भवन में चल रहा अपना दो दिवसीय धरना समाप्त कर दिया है। सीडीओ और डीडीओ के आश्वासन के बाद यह निर्णय लिया गया। सचिव अपर जिलाधिकारी (एडीएम) द्वारा कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। यह मामला डिजिटल क्रॉप सर्वे की बैठक के दौरान सामने आया था। आरोप है कि अपर जिलाधिकारी ने बैठक में सचिवों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, एक सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी और उन्हें बैठक से बाहर निकाल दिया था। कार्य बहिष्कार कर हड़ताल इस घटना के विरोध में ग्राम सचिवों ने एडीएम से माफी मांगने की मांग की थी। उन्होंने सोमवार को जिलाधिकारी आवास पर डीडीओ को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी थी कि यदि एडीएम माफी नहीं मांगते हैं, तो वे बुधवार से कार्य का बहिष्कार कर हड़ताल करेंगे। चेतावनी के अनुसार, ग्राम सचिव बुधवार को विकास भवन में एकत्रित हुए और एडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। जिला विकास अधिकारी राहुल वर्मा ने उन्हें जिलाधिकारी से वार्ता करने के लिए कहा। एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचा, लेकिन उनकी वार्ता विफल रही। सचिवों का कहना था कि अधिकारियों को ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए और एडीएम ने दो दिन का समय दिए जाने के बावजूद माफी नहीं मांगी। गुरुवार को, सीडीओ और जिला विकास अधिकारी सचिवों के पास पहुंचे। उन्होंने उनकी समस्याओं को सुना और सभी मुद्दों के समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान, जिला विकास अधिकारी ने फोन पर एडीएम से बात की। सचिवों ने बताया कि एडीएम ने अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त किया और भविष्य में ऐसी बातें न दोहराने का आश्वासन दिया। इसके बाद, सचिवों ने अपना धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
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