बुलंदशहर में एक ठेकेदार पर पावर कॉरपोरेशन के लाखों रुपये के टेंडर हासिल करने के लिए जिलाधिकारी के हस्ताक्षरित चरित्र प्रमाण पत्र में हेराफेरी करने का आरोप लगा है। शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोप है कि ठेकेदार ने एक समाप्त हो चुके चरित्र प्रमाण पत्र की वैधता अवधि में बदलाव किया। उसने वर्ष 2021 की तारीख को कथित तौर पर बदलकर 2022 दर्शाया और संशोधित दस्तावेज विभाग में जमा कर दिए। इसी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर ठेकेदार ने लाखों रुपये के टेंडर प्राप्त किए, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। शिकायतकर्ता हरिदत्त शर्मा ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) को पत्र भेजकर इस मामले की जानकारी दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निगम के चीफ इंजीनियर संजीव कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी अधीक्षण अभियंता (एसई) द्वितीय महेश कुमार अहीरवार को सौंपी गई है। उन्हें विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में टेंडर प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत सभी दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि दस्तावेजों का सत्यापन समय पर क्यों नहीं हुआ। चीफ इंजीनियर संजीव कुमार ने बताया, “चरित्र प्रमाण पत्र में हेराफेरी कर टेंडर लेने की शिकायत मिली है। एसई को जांच सौंपी गई है। यदि जांच में छेड़छाड़ की पुष्टि होती है तो संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
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