देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र के गौरा गांव निवासी पेशेवर गोताखोर सुरेंद्र साहनी (45) की नदी में डूबने से मौत हो गई। वह परसिया देवार के समीप नदी में लापता शव की तलाश कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र साहनी पिछले कई दिनों से एक लापता शव की खोज में जुटे थे। इसी दौरान नदी के तेज बहाव और भंवर में फंस जाने से उनकी हालत बिगड़ गई। यह घटना परसिया देवार के पास हुई। सुरेंद्र साहनी करीब 15 वर्षों से गोताखोरी का कार्य कर रहे थे। वह अक्सर प्रशासन और पुलिस की मदद से नदी या तालाब में डूबे व्यक्तियों की तलाश करते थे। बताया जा रहा है कि पुलिस के कहने पर ही वह इस बार भी नदी में उतरे थे, जहां तीन-चार दिनों से शव की तलाश जारी थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें नदी से बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुरेंद्र साहनी अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असामयिक मौत से पत्नी उर्मिला देवी और तीन बच्चों – भोला (15 वर्ष), संजना (6 वर्ष) और रोहित (5 वर्ष) का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शोक की लहर है और स्थानीय लोग मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सुरेंद्र साहनी ने कई बार लोगों की जान बचाई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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