सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज स्थित बढौली गांव में एक नीलाम मकान पर कब्जा लेने पहुंचे बैंक कर्मियों, मजिस्ट्रेट, नायब तहसीलदार सदर और भारी पुलिस बल को हंगामे के कारण बैरंग लौटना पड़ा। मौके पर मकान मालिक और बैंक कर्मियों के बीच जमकर विवाद भी हुआ। जानकारी के अनुसार अंशु चौबे उर्फ दिव्यांश चौबे के मकान बढौली गांव मे है। उनके पिता ने वर्ष 2016 में बैंक ऑफ़ बड़ौदा से होम लोन लिया था, जिनका कोरोना काल के समय 2020 में निधन हो गया। अंशु चौबे का दावा है कि उन्होंने 2022 तक लोन का भुगतान किया, लेकिन उसके बाद वे इसे जारी नहीं रख सके। अंशु चौबे के अनुसार, बैंक ने उनकी मर्जी के बिना लोन के गारंटर के बेटे के नाम पर मकान नीलाम कर दिया है। उनका यह भी कहना है कि उनके पास कोर्ट का स्टे आदेश है। उन्होंने पहले भी कुछ राशि देकर नीलामी रुकवाने का प्रयास किया था। दूसरी ओर, बैंक कर्मियों का कहना है कि मकान मालिक ने लोन का भुगतान नहीं किया है और खाता एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) हो गया है। एक बैंक अधिकारी ने बताया कि वे कोर्ट के आदेश पर कब्जा लेने पहुंचे थे और उन्हें किसी स्टे आदेश की जानकारी नहीं है। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिलाधिकारी के आदेश पर कब्जा होना था और मकान मालिक बेवजह विवाद कर रहे हैं। बैंक ने सभी संबंधित दस्तावेज कोर्ट में जमा कर दिए हैं। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
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