DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

सुपरटेक के 51 हजार फ्लैट बायर्स को राहत:SC का आदेश, सुपरटेक की 16 प्रोजेक्ट को बनाएगा NBCC

सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक मामले में घर खरीदारों को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए NCLAT के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें NBCC को सुपरटेक की रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यानी अब ये तय हो गया है कि सुपरटेक के सभी 16 प्रोजेक्ट का निर्माण एनबीसीसी करेगा। जिसमें उसे 51 हजार फ्लैट बनाने होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नोएडा , ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण को उनका बकाया भुगतान तभी मिलेगा, जब घर खरीदारों को उनके फ्लैट मिल जाएंगे। इन फ्लैट के आसपास सभी प्रकार की यूटिलिटी को भी शामिल किया गया है। परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अन्य सभी ट्रिब्यूनल और हाई कोर्ट पर भी रोक लगा दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि कोई भी अन्य न्यायिक निकाय ऐसा कोई आदेश पारित नहीं करेगा जिससे NBCC द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा आए। इन प्रोजेक्ट पर होगा काम
इकोविलेज-3, स्पोर्टस विलेज, इकोसिटी, नाथआई, अपकंट्री, इकोविलेज-1, मेरठ स्पोर्टस सिटी, ग्रीन विलेज, हिलटाउन, अरावली, रिवर फ्रेंष्ट, इकोविलेज, केपटाउन आदि प्रोजेक्ट शामिल है। जिनको पूरा करने की जिम्मेदारी अब एनबीसीसी को होगी। नोएडा के 20 हजार बायर्स को फायदा
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गुरुग्राम, देहरादून, मेरठ के प्रोजेक्ट है। इन प्रोजेक्ट्स में से ज्यादातर में लंबे समय से काम लटका हुआ है। इन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए करीब 9945 करोड़ रुपए का खर्च होंगे। हालांकि सुपरटेक के कुल 16 प्रोजेक्ट है। नोएडा ग्रेटरनोएडा और ग्रेनो वेस्ट के करीब 20 से 25 हजार बायर्स को फायदा होगा। उन्हे सपनो का आशियाना मिलेगा। जल्द शुरू कर सकती है निर्माण
निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सकता है। इससे पहले कंपनी को एक एस्क्रो खाता खोलना होगा। ये खाता एनबीसीसी और आईआरपी दोनों की निगाह में रहेगा। इसी खाते से पैसा निर्माण में खर्च किया जाएगा। इस फैसले के बाद घर खरीदार, एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं। रेरा के मानदंडों पर फैसला
एनबीसीसी के आने से अटके हुए प्रोजेक्ट्स में निर्माण को गति मिलेगी और घर खरीदारों के हितों की भी रक्षा होगी। रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण के मानदंडों के अनुरूप ही यह निर्णय लिया गया है। जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से रियल ऐस्टेट के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। इससे घर निवेशकों और खरीदारों का भरोसा बढ़ेगा।


https://ift.tt/PNeZ8yf

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *