नगर निगम बरेली और भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) के बीच लंबे समय से चल रहा कानूनी विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। नगर आयुक्त ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 21 जनवरी 2026 को दिए गए आदेश का हवाला देते हुए IVRI को नोटिस जारी किया है। इस आदेश के तहत अब संस्थान को नगर निगम के कोष में करोड़ों रुपये जमा करने होंगे। 59.18 करोड़ रुपये का है बकाया
IVRI पर वित्तीय वर्ष 2025-26 तक का कुल सेवा प्रभार बकाया है। यह राशि 59,18,43,902.61 रुपये (उनसठ करोड़ अठारह लाख तैतालीस हजार नौ सौ दो रुपये और इकसठ पैसे) आंकी गई है। निगम ने स्पष्ट किया है कि यह भुगतान जल्द से जल्द सरकारी खजाने में जमा किया जाना अनिवार्य है। साक्ष्य और प्रत्यावेदन का विकल्प
नगर निगम ने संस्थान को राहत का एक मौका भी दिया है। नोटिस में कहा गया है कि यदि IVRI को इस बिल या धनराशि के संबंध में कोई आपत्ति है, तो वे साक्ष्यों के साथ अपना प्रत्यावेदन नगर आयुक्त ऑफिस में प्रस्तुत कर सकते हैं। समय रहते मिले प्रत्यावेदन पर विचार कर उसका निस्तारण किया जाएगा। प्रशासनिक हलचल तेज
इस बड़े बकाया की वसूली को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज है। नगर निगम की इस सख्ती से अन्य बड़े संस्थानों पर भी बकाया जमा करने का दबाव बढ़ेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर स्तर पर भी इस राजस्व वसूली की मॉनिटरिंग की जा सकती है, ताकि शहर के विकास कार्यों के लिए बजट सुनिश्चित हो सके।
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