राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) विभाग ने आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं के लंबित भुगतानों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मिशन निदेशक ने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को 31 मार्च 2025 तक के सभी बकाया देयकों का भुगतान सुनिश्चित करने और एक सप्ताह के भीतर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद और आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन लंबे समय से आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं के समय पर भुगतान न होने का मुद्दा उठा रहे थे। संयुक्त परिषद ने 20 जनवरी को इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा था। आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष कुसुम लता यादव ने बताया कि 2 जनवरी 2026 को मिशन निदेशक ने सभी जनपदों को बकाया भुगतान के लिए पत्र जारी किए थे। इसके बाद, 24 जनवरी 2026 को 1090 करोड़ 95 लाख 51 हजार रुपये का बजट भी आवंटित किया गया था। मिशन निदेशक ने राज्य स्तर पर समीक्षा की, जिसमें भुगतान न होने के आरोपों की पुष्टि हुई। इसी क्रम में, मिशन निदेशक ने 4 फरवरी को प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को एक कड़ा पत्र जारी किया। इसमें 31 मार्च 2025 तक के सभी बकाया इंसेंटिव का भुगतान सुनिश्चित करने और एक सप्ताह के भीतर शासन को अवगत कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष कुसुम लता यादव ने मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी और महामंत्री अरुणा शुक्ला को भी धन्यवाद दिया।
https://ift.tt/fd5W4Uc
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply