एसआईआर प्रक्रिया के दौरान फार्म 7 के हो रहे दुरुपयोग को लेकर सपा प्रमुख ने एक बार फिर चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं के घर पर चुनाव आयोग का झंडा लगा देना चाहिए। गुरुवार को एक के बाद एक एक्सपोस्ट में अखिलेश यादव ने अलग अलग वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय तत्काल संज्ञान ले, क्योंकि और किसी से उम्मीद नहीं बची है। भाजपा और उनके सहयोगी, अपराधियों की तरह पेश आ रहे हैं। वो उप्र के बीएलओ को प्रताड़ित करके, दबाव बनाकर, धमकाकर पीडीए समाज, ख़ासतौर से अल्पसंख्यक समुदाय का वोट फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर काटने की साज़िश कर रहे हैं। दावा आपत्तियों पर तत्काल रोक की मांग अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि SIR में फ़ार्म 7 के दुरुपयोग को तत्काल रोका जाए और हर वोटर के मत देने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जाए। BLO से ज़बरदस्ती कर रहे अपराधियों के खिलाफ एफआईआर लिखवाई जाए और फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो। जब तक वैध व्यवस्था न बन जाए, फ़ार्म 7 का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया जाए और अब तक जो फ़ार्म 7 जमा हुए हैं, उन सबको रद्द या निरस्त किया जाए। दावा-आपत्ति की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। देश की जनता के वोट काटने के षड्यंत्र के पीछे कौन सी देश विरोधी ताक़तें सक्रिय हैं, इसकी न्यायिक जाँच हो। भाजपाइयों की धांधल, उनकी होनेवाली हार की हताशा अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए ये भी अपील की है कि देश के ईमानदार पत्रकार और अधिकारी सामने आएं और देश विरोधी ताक़तों से लड़ने में हमारा साथ दें। इसके अलावा उन्होंने पीडीए प्रहरियों से भी अपील की है कि वो हर वैध वोट बनाने-बचाने के कार्य में पूरी मुस्तैदी से लगे रहें। भाजपाइयों की धांधली को उनकी होनेवाली हार की हताशा मानें और भाजपाइयों के घपलों के सबूत इकट्ठा करके उनके ख़िलाफ़ एफआईआर की तैयारी करें। उन्होंने कहा कि सच तो ये है कि जैसे-जैसे पीडीए परिवार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे भाजपाई डर रहा है। क्या आयोग ने अपना काम भाजपा को दे दिया? एक अन्य पोस्ट में अखिलेश यादव ने भाजपा कार्यालय से फार्म 7 बंटने का वीडियो साझा करते हुए लिखा है कि अब तो उल्टा ये कहना पड़ेगा कि चुनाव आयोग का कोई झंडा हो तो वो भाजपाइयों के घर पर लगा दे। अब बस यही बचा है कि चुनाव आयोग भाजपाइयों के घर पर बूथ बना दे और भाजपाइयों को पीठासीन अधिकारी। क्या चुनाव आयोग ने भाजपा को ठेके पर अपना काम दे दिया है या भाजपा ने चुनाव आयोग को संविदा पर रख लिया है। आज वोट छीनेनवाले कल सब भी छीन लेंगे अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे लिखा कि प्रशासनिक पर्यायवाची कोष में ‘चुनाव आयोग’ को ‘भाजपा’ के पर्यायवाची के रूप में जोड़ देना चाहिए। भ्रष्ट-भाजपा शासनकाल में आश्चर्य ये नहीं है कि सरेआम वोट काटने-बढ़ाने का अपराध हो रहा है, आश्चर्य ये है कि संवैधानिक संस्थाओं को ये नज़र नहीं आ रहा है। आज वोट छीनेनवाले कल को जनता का बाक़ी सब भी छीन लेंगे। बाक़ी सब में भाजपाई भी शामिल होंगे, कोई बचेगा नहीं। भाजपाई भी याद रखें कि ठगों का रिश्ता, सिर्फ़ ठगी से होता है और किसी से नहीं। इसे कहते हैं अंधेर नगरी, चौपट आयोग।
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