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मेरठ नगर निगम में सफाई कर्मचारी संघ का हंगामा:कर्मियो का ट्रांसफर और मानकों के अनुरूप नियुक्ति की रखी मांग

मेरठ नगर निगम में बृहस्पतिवार को नगर निगम सफाई कर्मचार संघ के कार्यकर्ताओं ने कर्मियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अपर नगर आयुक्त के कार्यालय में प्रदर्शन किया। इसमें उन्होंने नए कर्मियों की नियुक्ति, मानको के अनुसार भुगतान और ट्रांसफर की समस्या रखी। सभासद के अनुसार हो रहे ट्रांसफर- मनोठिया
सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विपिन मनोठिया ने कहा कि सफाई कर्मियो के वार्डों में तबादले पार्षद के कहने पर हो रहे हैं। अधिकारी हमारी समस्या जानते हुए भी अनदेखा कर रहे हैं। अगर किसी कर्मी के व्यहवार में कोई परेशानी है या उसकी शिकायत मिल रही है तो तबादले से पहले उसको कोई नोटिस नहीं दिया जाता है सीधे उसका वार्ड बदल दिया जाता है। मानक से कम कर्मयों के कारण बढ़ रही समस्या
सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि मेरठ शहर की आबादी लगभग 30 लाख तक पहुंच चुकी है। मानकों के अनुसार प्रति 10 हजार आबादी पर 28 सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से शहर में करीब 8400 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। जबकि वर्तमान में नगर निगम में केवल 2900 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। ऐसे में करीब 5500 कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। इस कारण न सिर्फ कर्मियों पर दबाव बढ़ रहा है बल्कि साथ ही सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। ठेका प्रथा बंद और स्थायी हो कर्मचारी
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने 25–30 वर्षों से रिक्त पदों पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को स्थायी किए जाने की मांग रखी। मनोठिया ने कहा कि हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली जैसे कई राज्यों में लंबे समय से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को स्थायी किया जा चुका है, जिससे उन्हें सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मिली है। उत्तर प्रदेश में भी यही होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मांग रखी कि लेबर कानूनों के अनुसार सफाई कार्य दैनिक कार्य की श्रेणी में आता है, जिसमें ठेका प्रथा लागू नहीं की जा सकती। भविष्य में सभी भर्तियां स्थायी रूप से किए जाने की मांग की गई।


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