उन्नाव के आनंद घाट पर बनारस की तर्ज पर बन रहे आरती स्थल का निर्माण कार्य सात माह बाद फिर शुरू हो गया है। जुलाई में गंगा नदी में आई बाढ़ के कारण यह काम रुक गया था। अब जलस्तर सामान्य होने के बाद कार्यदायी संस्था ने काम दोबारा शुरू कर दिया है। इस परियोजना का शुभारंभ पिछले साल 6 मार्च को सदर विधायक ने भूमि पूजन के साथ किया था। राज्य सरकार ने आरती स्थल के निर्माण के लिए 1 करोड़ 6 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। योजना के तहत आनंद घाट पर 25 मीटर लंबा और 11 मीटर चौड़ा आरती स्थल विकसित किया जा रहा है, जिससे उन्नाव को धार्मिक और पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम इस परियोजना की निगरानी कर रहा है। निर्माण की जिम्मेदारी लखनऊ की एक कार्यदायी संस्था को दी गई है। संस्था ने 15 जून से पिलर पाइलिंग का काम शुरू किया था, लेकिन जून के अंत से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा। 4 जुलाई को पूरा निर्माण स्थल जलमग्न हो गया, जिसके कारण सुरक्षा कारणों से काम रोकना पड़ा था। लगभग सात माह तक जलस्तर अधिक रहने और मिट्टी के सूखने का इंतजार किया गया। अब परिस्थितियां अनुकूल होने पर कार्यदायी संस्था ने मशीनें और श्रमिक लगाकर निर्माण कार्य को फिर से गति दी है। वर्तमान में पिलर और आधार से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है। पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि संदीप पांडे ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और कार्य की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और परियोजना को निर्धारित समय सीमा में जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि आरती स्थल के निर्माण से न सिर्फ श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि आनंद घाट धार्मिक पर्यटन के रूप में भी विकसित होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरती स्थल के बन जाने से गंगा आरती का आयोजन नियमित रूप से हो सकेगा और उन्नाव को धार्मिक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्माण कार्य कितनी तेजी से पूरा होता है।
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