बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में भर्ती देश के जाने-माने कार्डियोथोरेसिक सर्जन और पद्मश्री सम्मानित डॉ. टीके लहरी की हालत गंभीर बनी हुई है। वे पिछले नौ दिनों से एसएसबी के कार्डियोथोरेसिक आईसीयू में भर्ती हैं। चिकित्सकों के अनुसार उनके बाएं फेफड़े में पानी भर गया था, जिसकी वजह से उनकी स्थिति लगातार नाज़ुक बनी हुई है। 15 दिन आवास पर बीमार बेड पर पड़े थे डॉ. टीके लहरी वर्ष 2003 में बीएचयू से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद वे लंबे समय तक बीएचयू अस्पताल में अपनी सेवाएं देते रहे। बताया जा रहा है कि वे करीब 15 दिनों तक अपने आवास पर ही बीमार अवस्था में बेड पर पड़े रहे। इस दौरान उनके करीबी अहमद अली ने उनकी बिगड़ती हालत की जानकारी आईएमएस बीएचयू प्रशासन को दी। इसके बाद पिछले सप्ताह मंगलवार की देर शाम उन्हें बीएचयू अस्पताल स्थित सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक के कार्डियोथोरेसिक आईसीयू में भर्ती कराया गया। उन्हें बेड नंबर दो पर रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। बीएचयू ईसी के मेंबर्स ने की मुलाकात आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार, बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी अस्पताल पहुंचकर डॉ. लहरी से मुलाकात कर उनके इलाज की जानकारी ली। इसके अलावा दो दिन पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय भी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे। 700 ML पानी निकाला जा चुका है आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने बताया कि डॉ. लहरी के बाएं फेफड़े में पानी भर गया था, जिसके चलते अब तक लगभग 700 एमएल पानी निकाला जा चुका है। इसके बावजूद उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उनकी विशेष निगरानी कर रही है और हर जरूरी चिकित्सकीय कदम उठाया जा रहा है। विभाग के ही पूर्व अध्यक्ष ने बुलेटिन न जारी करने पर जताई नाराजगी इस बीच बीएचयू के हृदय रोग विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने डॉ. लहरी की स्थिति को लेकर मेडिकल बुलेटिन जारी न किए जाने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इतने वरिष्ठ और प्रतिष्ठित चिकित्सक की हालत को लेकर पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।
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