मैनपुरी जिला अस्पताल एक बार फिर अपनी लापरवाही को लेकर चर्चा में है। अस्पताल ने एक 20 वर्षीय युवक को हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव बता दिया, जबकि वह स्वस्थ था। गलत रिपोर्ट के आधार पर इलाज शुरू होने से युवक की तबीयत बिगड़ गई। रंगपुर निवासी 20 वर्षीय लोकेंद्र ने बताया कि 19 जनवरी को तबीयत खराब होने पर वह डॉक्टर की सलाह पर जिला अस्पताल मैनपुरी गए थे। अस्पताल में हुई जांच में उन्हें हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव बताया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर लोकेंद्र ने इलाज शुरू कर दिया। लोकेंद्र के अनुसार, हेपेटाइटिस-बी की दवाइयों के सेवन से उनकी तबीयत में सुधार के बजाय और गिरावट आने लगी। हालत बिगड़ने पर उन्होंने डॉक्टरों की सलाह पर एक निजी लैब में दोबारा जांच कराई। इस बार रिपोर्ट निगेटिव आई, जिससे हेपेटाइटिस-बी की पुष्टि नहीं हुई। यह विरोधाभासी रिपोर्ट देखकर लोकेंद्र और उनका परिवार हैरान रह गया। इसके बाद, लोकेंद्र ने 2 फरवरी को तीसरी बार जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-बी की जांच करवाई। इस बार भी रिपोर्ट निगेटिव आई। लगातार बदलती जांच रिपोर्टों ने जिला अस्पताल की प्रयोगशाला की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित युवक ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत जिला अस्पताल के सीएमएस धर्मेंद्र कुमार से की है। शिकायत में गलत रिपोर्ट देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और अपनी बिगड़ी सेहत के लिए अस्पताल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की मांग की गई है। सीएमएस धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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