महादेव मेरे बेटे विधायक बृजभूषण राजपूत को सद्बुद्धी दे। कोई अपने आपको पार्टी से बड़ा न समझें। अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है। अहंकार चाहे जप-तप, यश-कीर्ति का हो। अहंकार सब बुरे होते हैं। ये बातें महोबा के चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत के पिता पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत ने अपने सोशल मीडिया पर लिखीं। महोबा में 30 जनवरी को भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आपस में भिड़ गए थे। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे विधायक ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दी थी। विधायक ने मंत्री से अपनी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई थी। कहा था- जिले के 90 प्रतिशत गांवों के लोग मुझसे पूछते हैं। मैं क्या जवाब दूं? इस दौरान विधायक के समर्थकों की सीओ सदर और कोतवाल से भी झड़प हो गई थी। स्वतंत्र देव सिंह ने विधायक से कहा था- मैं 40 गांव चलने को तैयार हूं। पानी दिलाना हमारा काम है। अफसर मेरे साथ हैं। अगर कहीं सड़कें खुदी हैं और पानी नहीं मिल रहा है तो अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा। इसी के बाद विधायक बृजभूषण राजपूत ने 3 फरवरी को एक बैठक बुलाई थी। विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा- अगर जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री को भी रोकेंगे। बंधक बनाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। ये मेरा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता और विकास से जुड़ा मुद्दा है। मैं अपनी बात सड़क पर रख रहा हूं, तो इसमें किसी को आपत्ति क्यों हो रही है। आप सब का आशीर्वाद था, तो मंत्री जी को रोका है। यह जनता की और विकास की बात है। मैं यह बात कमरे में क्यों करूं, सड़क पर क्यों नहीं कर सकता? अगर मैंने सड़क पर अपनी बात रखी तो कुछ लोगों को दिक्कत क्यों हो रही है। किसी ठेके, पट्टे या पदोन्नति की मांग नहीं कर रहे। बल्कि केवल क्षेत्र की समस्याएं उठा रहे हैं। ऐसे में मुझे गलत ठहराना उचित नहीं है। जब कांग्रेस की सरकार थी, तब की बात बताते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा- उस समय जो अधिकारी काम नहीं करता था, उसे चूड़ियां और पेटीकोट पहनवा देते थे। बंधक बनाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। मंत्री से भिड़ने के मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा- भाजपा एक संगठन-आधारित पार्टी है। जहां जनहित के मुद्दों पर मतभिन्नता संभव है, लेकिन अनुशासन सर्वोपरि है। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह के साथ मिलकर मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। दोनों नेताओं से बातचीत की जा रही है। उच्च स्तर पर इस मुद्दे को सुलझाने के प्रयास जारी हैं। विधायक के पिता ने लिखा- महादेव बेटे को सद्बुद्धि दें इसी के बाद 4 फरवरी को विधायक बृजभूषण के पिता पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत ने अपने सोशल मीडिया पर बेटे को लेकर एक पोस्ट लिखी। इस पोस्ट में उन्होंने अपने बेटे को सद्बुद्धि देने की बात कही है। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी जोड़ा कि “कोई अपने आप को पार्टी से बड़ा न समझे।” पूर्व सांसद ने एक के बाद एक दो पोस्ट लिखकर इस पूरे मामले को शांत करने का प्रयास किया है। लेकिन थोड़ी ही देर बाद पूर्व सांसद ने पोस्ट डिलीट कर दी। पूर्व सांसद ने इसके बाद तीन पोस्ट किए- विधायक के पिता पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत की चार बातें 1. विधायक-मंत्री का कोई झगड़ा नहीं विधायक के पिता पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत ने मीडिया से बातचीत में कहा- “विधायक बृजभूषण राजपूत जनप्रतिनिधि हैं। उन्होंने जनता की जो तकलीफें हैं, उन्हें मंत्री जी के सामने रखा। अब मीडिया इसे थोड़ा बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहा है। यह कोई बगावत नहीं है। उन्होंने पूरे अनुशासन के तहत अपनी बात मंत्री जी के समक्ष रखी और 50, 60, 100 जितने भी प्रधान थे, उनके साथ जो ज्ञापन था, वह मंत्री जी को दिया। उन्होंने बस इतना कहा कि मंत्री जी परीक्षण करवा लें, अधिकारी आपको गलत रिपोर्ट दे रहे हैं। इसमें कोई विधायक-मंत्री का झगड़ा नहीं है। 2. मेरे बेटे को भाजपा में लाने का श्रेय स्वतंत्र देव को पूर्व सांसद ने कहा कि वे हमारे सम्मानित मंत्री हैं। गुड्डू (बृजभूषण राजपूत) के बड़े भाई हैं। वे मेरा बहुत सम्मान करते हैं, मुझे गार्जियन भी मानते हैं। हमेशा मेरे पैर छूते हैं। मैं उन्हें आशीर्वाद देता हूँ और उनका भी पूरी सम्मान करता हूँ। हमारा बेटा भी उनका सम्मान करता है। उसे भाजपा में लाने का श्रेय स्वतंत्र देव को ही है। पूर्व सांसद ने कहा कि जनप्रतिनिधि का कर्तव्य होता है कि वह सिस्टम को सुधारें। कहां पानी लीकेज है, सड़कें नहीं बनी हैं, टंकी लीकेज है- ये अगर विधायक नहीं बताएगा तो कौन बताएगा। इस मामले पर विपक्ष रोटियां सेंक रहा है। हर विधायक अपनी बातों को मंत्रियों और मुख्यमंत्री के सामने रखता है, इसमें कौन सा मुद्दा बन गया। 3. विधायक कोई घास छीलने के लिए थोड़े ही बनता है पूर्व सांसद ने कहा कि विधायक अगर अपनी बात नहीं रखेगा तो कौन रखेगा? विधायक इसलिए बनता है। विधायक कोई घास छीलने के लिए थोड़े ही बनता है। विधायक ने काफिला नहीं रोका, मंत्री जी कार्यक्रम से निकले और उन्होंने ज्ञापन दे दिया। विधायक, मंत्री जी के छोटे भाई हैं, वे डांट भी सकते हैं, कुछ भी कह सकते हैं। हमारे और स्वतंत्र देव सिंह के बीच पारिवारिक रिश्ते हैं। हमारा छोटा बेटा अखिल उनका बहुत प्रिय है। 4. विधायक और मंत्री जी के बीच कोई टकराव नहीं पूर्व सांसद ने कहा कि विधायक भी जनता का नौकर है और मंत्री भी जनता का नौकर है। हम सब जनता के लिए हैं। इसमें टकराव की कौन सी बात है? जनता हमें गाली दे सकती है, हम उनके नौकर हैं। हम कोई राजा नहीं हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि भाजपा में कोई तरफदारी नहीं होती, कोई गुटबाजी नहीं होती। भाजपा परिवार है। गुड्डू अनुशासित सिपाही है, उसने संघ का प्रशिक्षण लिया है, उसने ओटीसी की है, वह संस्कारी लड़का है। विधायक और मंत्री जी के बीच कोई टकराव नहीं है। छोटे भाई-बड़े भाई का रिश्ता है।” अब 30 जनवरी को हुए हंगामे के बारे में पढ़िए मंत्री और विधायक के बीच क्या बात हुई.… मंत्री: जहां कहीं शिकायत है, वहां मुझे लेकर चलो। उस गांव में मैं खुद चलता हूं। अपने कार्यक्रम छोड़कर चलता हूं। चलो… विधायक: एक मिनट-एक मिनट…40 से 50 गांव हैं। मंत्री: मैं 40 गांवों में चलूंगा। मैं सभी जगह चेक करने चलूंगा। मेरे साथ अफसर हैं। सभी जगह देखूंगा। अफसरों की लापरवाही होगी, तो सस्पेंड कर दूंगा। विधायक: भाई साहब, सड़कें खुदी पड़ी हैं। रास्ते खुदे पड़े हैं। भाई साहब…। मंत्री: सड़कें खुदी रहेंगी, तब भी मैं अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा। मैं गांवों में चलने को तैयार हूं, चलो न मेरे साथ…। मंत्री से विधायक बोले- अफसर हमारी सुनते नहीं मंत्री ने विधायक को अपनी गाड़ी में बैठाया। विधायक हाथ पर हाथ पटकते हुए मंत्री से यही कहते रहे कि जितने भी प्रधान आए हैं, उन सभी के गांवों में समस्या है। हर घर नल योजना में जमकर लापरवाही हुई है। आप लोग कुछ भी नहीं देखते। ग्राउंड की समस्या बहुत बड़ी है। विधायक ने योजना में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया। विधायक ने मंत्री से साफ कहा कि अफसर हमारी सुनते नहीं हैं। ——————————————————- ये खबर भी पढ़ेंः- गैंगस्टर रवि काना मामले में जेल अधीक्षक-डिप्टी जेलर सस्पेंड:बांदा में बिना कोर्ट के आदेश ही स्क्रैप माफिया को छोड़ दिया था; पांच पर FIR गैंगस्टर रवि काना को बांदा जेल से छोड़ने के मामले में एक्शन जारी है। कोर्ट के आदेश के बिना ही स्क्रैप माफिया को छोड़ने के मामले में अब जेल अधीक्षक अनिल गौतम को निलंबित कर दिया गया है। उन्हें कारागार मुख्यालय लखनऊ अटैच कर दिया गया है। इसके अलावा, डिप्टी जेलर को निर्भय सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया है। आदेश विशेष सचिव कारागार अनीता वर्मा ने जारी किए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
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