आगरा में भगवान टॉकीज चौराहे पर ड्यूटी के दौरान मोटरसाइकिल सवारों को रोकने का प्रयास किया। उसी दौरान TSI उमेश कुमार दुबे के साथ आरोपी भाईयों ने मारपीट की। अदालत में वादी और गवाह पेश नहीं होने के कारण आरोपी भाईयों को बरी कर दिया गया। मामला थाना न्यू आगरा का है। वादी TSI उमेश कुमार दुबे ने बताया कि 29 नवंबर 2009 को उनकी ड्यूटी भगवान टॉकीज चौराहे पर लगी थी। करीब 10:30 बजे मोटरसाइकिल नंबर यूपी 80 एएच 8494 पर तीन सवारियां देखीं। उन्हें रोकने के लिए होमगार्ड की मदद ली, लेकिन आरोपी भाईयों जल सिंह और गगन सिंह ने उन पर हमला कर मारपीट की। TSI की तहरीर के आधार पर दोनों भाईयों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (साधारण चोट), 332 (शासकीय कार्य में बाधा) और 353 (शासकीय अधिकारी पर हमला) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और उन्हें जेल भेजा गया। अदालत ने 14 सितंबर 2012 को आरोप तय किए। लेकिन इतने लंबे समय में वादी और अन्य गवाह अदालत में पेश नहीं हुए। अदालत द्वारा कई बार आदेश दिए जाने के बावजूद भी कोई गवाह हाजिर नहीं हुआ। लंबे समय तक गवाहों की गैरहाजिरी और साक्ष्य के अभाव को देखते हुए विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अचल प्रताप सिंह ने दोनों आरोपी भाईयों को साक्ष्य की कमी के कारण बरी कर दिया।
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