क्या आपने कभी कल्पना की है, कि आप अपने ड्राइंग रूम में सोफे पर बैठे हों और आपके सामने जंगल का राजा शेर दहाड़ रहा हो या गैंडा अपनी मस्ती में टहल रहा हो? कानपुर के लोगों के लिए अब यह कोई सपना नहीं बल्कि हकीकत बनने जा रहा है। उत्तर भारत के सबसे पसंदीदा चिड़ियाघरों में शुमार ‘कानपुर जूलॉजिकल पार्क’ अब पूरी तरह से डिजिटल अवतार लेने के लिए तैयार है। जल्द ही आपको चिड़ियाघर के वन्यजीवों को देखने के लिए लंबी कतारों और तपती धूप में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि आपका पसंदीदा जू अब बस एक क्लिक की दूरी पर होगा। वेबसाइट पर दिखेगा वन्यजीवों का लाइव जलवा दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान, कानपुर जू के निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल ने इस क्रांतिकारी बदलाव का खाका पेश किया। विभाग अब ‘ऑनलाइन मोड’ पर पूरी तरह शिफ्ट होने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत चिड़ियाघर की आधिकारिक वेबसाइट को बेहद आधुनिक और हाई-टेक बनाया जा रहा है। इस अपडेट के बाद लोग घर बैठे ही शेर, चीता, भालू और गैंडा जैसे खूंखार और दुर्लभ वन्यजीवों की लाइव गतिविधियों को देख सकेंगे। यह उन लोगों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है जो समय की कमी या स्वास्थ्य कारणों से चिड़ियाघर नहीं पहुंच पाते। अब पिंजरे के अंदर की हलचल सीधे आपके मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन पर लाइव स्ट्रीम होगी। भीड़ से बचने वालों के लिए विकल्प
अक्सर त्योहारों या छुट्टियों के दिनों में कानपुर चिड़ियाघर के बाहर टिकट खिड़की पर दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। कई बार घंटों लाइन में लगने के बाद पर्यटक थक जाते हैं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए डॉक्टर पटेल ने बताया कि अब टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किया जा रहा है। पर्यटक अपनी सुविधा के अनुसार घर से ही अपनी टिकट बुक कर सकेंगे और सीधे प्रवेश पा सकेंगे। डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए जू प्रशासन ने पहले ही क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान की सुविधा शुरू कर दी है, जिससे पारदर्शिता भी बढ़ी है और पर्यटकों का समय भी बच रहा है। नए मेहमानों की हर जानकारी होगी अपडेट
चिड़ियाघर की नई वेबसाइट केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि ज्ञान का भंडार भी होगी। अगर चिड़ियाघर में कोई नया वन्यजीव आता है या किसी जानवर के कुनबे में नया सदस्य जुड़ता है, तो इसकी जानकारी तुरंत वेबसाइट पर साझा की जाएगी। लोग जान सकेंगे कि चिड़ियाघर में कौन सा नया मेहमान आया है और उसकी क्या विशेषताएं हैं। इसके अलावा, जो लोग वन्यजीवों के बारे में विस्तार से पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए हर जानवर की हिस्ट्री और उनकी आदतों के बारे में डिजिटल लाइब्रेरी उपलब्ध होगी। इससे बच्चों और वन्यजीव प्रेमियों को प्रकृति के करीब आने का एक नया मौका मिलेगा। दो महीने में बदलेगी कानपुर जू की तस्वीर
प्रशासन का लक्ष्य अगले दो महीनों के भीतर इस पूरे सिस्टम को बेहद पारदर्शी और यूजर-फ्रेंडली बनाना है। निदेशक डॉ.कन्हैया पटेल के अनुसार, यह ‘ट्रांसपेरेंट सिस्टम’ न केवल पर्यटकों को सुविधा देगा बल्कि वन्यजीवों की मॉनिटरिंग को भी बेहतर बनाएगा। आने वाले समय में कानपुर जू तकनीक और प्रकृति का एक ऐसा संगम बनेगा, जहां इंसान और वन्यजीवों के बीच की दूरी को डिजिटल माध्यम से कम किया जाएगा। इस पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कानपुर चिड़ियाघर देश के चुनिंदा स्मार्ट जू की लिस्ट में भी शुमार हो जाएगा।
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