गोरखपुर में आयोजित श्री राम कथा के दौरान एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला, जब प्रेमानंद महाराज के भक्तों ने अपनी अनोखी भक्ति से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कथा के अंतिम दिन कई भक्त लड्डू गोपाल की सजी-धजी मूर्ति को अपने साथ लेकर मंच के नीचे खड़े हो गए। जब यह दृश्य राजन जी महाराज की नज़र में आया, तो उन्होंने मंच से ही भक्तों की भक्ति भावना को स्वीकार किया और उन्हें आशीर्वाद भी दिया। गोरखपुर के नंदानगर निवासी भक्त नितेश दुबे लड्डू गोपाल को पूरे श्रृंगार के साथ अपने साथ कथा में लाए थे। लड्डू गोपाल का पीतांबर वस्त्र, गले में माला, माथे पर तिलक और सुंदर श्रृंगार श्रद्धालुओं को बहुत भा रहा था। उन्हें देखने और आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। देखिए मनमोहक तस्वीरें नितेश दुबे ने बताया कि करीब दो साल पहले वे वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के पास गए थे। वहां प्रेमानंद महाराज ने उन्हें आशीर्वाद स्वरूप लड्डू गोपाल की सेवा करने को कहा था। उसी दिन से लड्डू गोपाल उनके परिवार का हिस्सा बन गए हैं। नितेश का कहना है कि जो सच्चे मन से मानता है, उसके लिए भगवान कण-कण में मौजूद हैं।
अब जानिए लड्डू गोपाल की दिनचर्या के बारे में
-ब्रह्म मुहूर्त में लड्डू गोपाल को जगाया जाता है
-इसके बाद उन्हें स्नान कराया जाता है
-वस्त्र पहनाकर पूरा श्रृंगार किया जाता है
-भोग लगाया जाता है
-पूजा-अर्चना के बाद भोग को पूरे परिवार में प्रसाद के रूप में बांटा जाता है
नौ दिनों तक कथा में लड्डू गोपाल को लेकर पहुंचीं प्रिया द्विवेदी
गोरखपुर के पादरी बाजार की रहने वाली भक्त प्रिया द्विवेदी ने बताया कि वे कथा के पूरे नौ दिन अपने साथ लड्डू गोपाल को लेकर पहुंचीं। उन्होंने इसे अपने जीवन का सौभाग्य बताया। कथा के समापन वाले दिन राजन जी महाराज ने उन्हें भी आशीर्वाद दिया।
प्रिया द्विवेदी ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ लड्डू गोपाल को लेकर प्रेमानंद महाराज के पास भी गई थीं, जहां से उन्हें आशीर्वाद प्राप्त हुआ था।
लाखों श्रद्धालुओं ने किया राम कथा का रसपान
गोरखपुर में राजन जी महाराज द्वारा श्री राम कथा का वाचन 27 जनवरी से 4 फरवरी तक किया गया। इस दौरान लाखों श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे और राम कथा का रसपान किया। कथा के अंतिम दिन हजारों भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।
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