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यूपी पुलिस का 24वें से तीसरा स्थान:लियन प्रतिशत में यूपी देश में तीसरे नम्बर पर पहुंचा; जनवरी 2026 में आए 29,715 ठगी के मामले

साइबर अपराध के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की सख्त रणनीति और लगातार जागरूकता अभियानों का असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखने लगा है। जनवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, साइबर ठगी की रकम को फ्रीज कराने के मामले में उत्तर प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाते हुए देश में तीसरा स्थान हासिल किया है। कभी 24वें पायदान पर रहा यूपी अब लियन प्रतिशत में टॉप-3 राज्यों में शामिल हो गया है।

24वें से तीसरे स्थान तक यूपी की छलांग
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में यूपी में 29,715 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें 270 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई। कुल 13,831.93 लाख रुपये की ठगी रिपोर्ट हुई, जिसमें से 4,845.27 लाख रुपये की रकम समय रहते फ्रीज कर ली गई। इसके साथ ही यूपी का लियन प्रतिशत 35.02 दर्ज किया गया, जिससे प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया।

मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में साइबर सुरक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साइबर अपराध को राज्य की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक स्थिरता और नागरिकों की निजता के लिए गंभीर चुनौती मानते हुए इसकी रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल किया है। इसी दिशा में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कार्यभार संभालने के बाद पुलिसिंग सुधार की 10 प्रमुख प्राथमिकताएं तय कीं, जिनमें साइबर अपराध नियंत्रण को अहम स्थान दिया गया।

आठ महीने में 500 से ज्यादा जागरूकता अभियान
पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम बी.के. सिंह के नेतृत्व में बीते आठ महीनों में प्रदेशभर में 500 से अधिक साइबर जागरूकता कैंप लगाए गए। इनमें से 14 कार्यक्रमों में डीजीपी यूपी ने स्वयं ऑनलाइन जुड़कर करीब एक लाख से अधिक लोगों को साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूक किया। इसके साथ ही प्रदेश के सभी थानों में पुलिसकर्मियों को साइबर विशेषज्ञों के जरिए प्रशिक्षण दिया गया।

कॉल सेंटर और बैंक समन्वय से बढ़ी सफलता
कल्ली पश्चिम लखनऊ में स्थापित 30 सीटर स्टैंड-अलोन कॉल सेंटर ने लियन प्रतिशत बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। फिलहाल यह कॉल सेंटर रोजाना करीब 5 हजार कॉल अटेंड कर रहा है। जल्द ही इसमें 30 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी, जिससे क्षमता बढ़कर 9 हजार कॉल प्रतिदिन हो जाएगी। यहां स्थापित साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर में 13 बड़े बैंकों के प्रतिनिधि रियल टाइम में ठगी की रकम फ्रीज करने का काम कर रहे हैं।

लियन क्या है और क्यों है अहम
साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज होने वाली वित्तीय साइबर ठगी की शिकायतों में बैंक खातों में फंसी रकम को बाहर निकलने से रोकने की प्रक्रिया को लियन कहा जाता है। जितनी रकम लाभार्थी खातों में समय रहते रोकी जाती है, उसी के अनुपात में लियन प्रतिशत तय होता है।

डीजीपी का आमजन के नाम संदेश
डीजीपी यूपी ने कहा कि साइबर अपराध के पीछे चार बड़े कारण होते हैं लालच, लापरवाही, लत और भय यानी डिजिटल अरेस्ट। उन्होंने साफ किया कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल या ऑनलाइन माध्यम से गिरफ्तारी या जुर्माने की मांग नहीं करती। ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत 1930 पर सूचना देना और गोल्डन टाइम-फ्रेम के भीतर शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है।

लगातार प्रयासों से मिली बड़ी उपलब्धि
अक्टूबर 2025 में यूपी का लियन प्रतिशत जहां 20.09 था, वहीं जनवरी 2026 में यह बढ़कर 35.02 प्रतिशत हो गया। पुलिस मुख्यालय, I4C और कॉल सेंटर के समन्वित प्रयासों से भारी भरकम ठगी की रकम को समय रहते फ्रीज किया गया।


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