उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के उपाध्यक्ष सरदार गुरविंदर सिंह छाबड़ा (विक्की) ने संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा बिट्टू को “गद्दार” कहे जाने को न केवल एक व्यक्ति का अपमान, बल्कि पूरे सिख समाज की अस्मिता पर सीधा प्रहार करार दिया। छाबड़ा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की इस तरह की बयानबाजी से एक बार फिर उसकी सिख विरोधी मानसिकता देश के सामने बेनकाब हो गई है। कांग्रेस के इतिहास पर उठाए सवाल सरदार गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने कांग्रेस के पुराने पन्नों को पलटते हुए कहा कि इस पार्टी का इतिहास सिखों के दमन और विश्वासघात की कहानियों से भरा पड़ा है। उन्होंने याद दिलाया कि 1984 के सिख विरोधी दंगों और ऑपरेशन ब्लू स्टार के घाव आज भी हरे हैं, जिन्हें देश का कोई भी सिख कभी भूल नहीं सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का आज का व्यवहार उसी पुरानी मानसिकता की अगली कड़ी है, जिसमें सिखों को नीचा दिखाने और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया जा रहा है। छाबड़ा के अनुसार, एक केंद्रीय मंत्री जो सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहा है, उसे संसद के पटल पर इस तरह के अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना लोकतंत्र की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यह आचरण यह दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी आज भी सिखों के प्रति नफरत और दुर्भावना से ग्रस्त है। उनके अनुसार, यह महज एक राजनीतिक तंज नहीं है, बल्कि उस समाज का अपमान है जिसने देश के लिए हमेशा अपना बलिदान दिया है। आने वाले समय के लिए कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सरदार छाबड़ा ने चेतावनी दी है कि सिख समाज इस अपमान को चुपचाप सहन नहीं करेगा। उन्होंने एलान किया कि जब भी राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के दौरे पर आएंगे, सिख समुदाय उनका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध करेगा।
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