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नेवी में नौकरी के नाम पर 20.40 लाख का फ्राॅड:नकली आईडी दिखाकर बोला अफसर सीधे कॉन्टैक्ट में, जाली अपॉइंटमेंट लेटर भी थमाया

प्रयागराज‌ के धूमनगंज में नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर 20.40 लाख की ठगी का की गई। आठ लोगों ने ना सिर्फ नौकरी दिलाने का झांसा दिया बल्कि फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर भी दे दिया। पीड़ित का बेटा जब अपॉइंटमेंट लेटर लेकर मुंबई पहुंचा तो पता चला कि यह फर्जी है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मामले में सात लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली है। तिलक समारोह में हुई थी पहचान विपिन शेष, जो रम्मन का पूरा सुलेमसराय के रहने वाले हैं, के अनुसार एक तिलक समारोह के दौरान उनकी मुलाकात अतुल कुमार से हुई थी। बातचीत के दौरान अतुल ने खुद को नेवी मुंबई में सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर बताया। अपना आई कार्ड भी दिखाया और कहां की उसकी पहुंच बहुत ऊंची है और वह नेवी में नौकरी लगवा सकता है। नेवी में पक्की नौकरी की दी गारंटी आरोप है कि इसके बाद अतुल ने पीड़ित और उसके पिता को कौशाम्बी स्थित अपने घर बुलाया। वहां अतुल, उसके पिता रामदीन और भाई भानू प्रताप व अनुज ने कहा कि उनका बेटा नेवी में अधिकारियों के सीधे संपर्क में है और नौकरी की पूरी गारंटी है। इस भरोसे पर उसी दिन 3 लाख रुपये नकद दिए गए। RTGS से कई खातों में हुआ ट्रांजक्शन आरोप है कि इसके बाद अलग-अलग तिथियों में पीड़ित के पिता के बैंक खाते से RTGS के माध्यम से कई किश्तों में रुपये ट्रांसफर कराए गए। इस तरह कुल 20 लाख 40 हजार रुपए पीड़ित के पिता ने आरोपियों को दिए। रकम अतुल के बताए अनुसार अब्दुल कादिर, प्राची राजवंश और सूरज रावत के बैंक खातों में नेवी की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े खर्च बताकर ट्रांसफर कराई गई। मुंबई जाने पर पता चली हकीकत पीड़ित का कहना है कि अतुल ने उसे भरोसे में लेने के लिए भारतीय नौसेना के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर का फर्जी आईडी कार्ड दिखाया। साथ ही नकली जॉइनिंग लेटर सौंपा। जब पीड़ित जॉइनिंग के लिए मुंबई गया, तो वहां जांच में नियुक्ति पत्र फर्जी होने की जानकारी मिली। रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी ठगी का खुलासा होने पर जब पीड़ित ने अपने रुपये वापस मांगे, तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिया। FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी पीड़ित की शिकायत पर पहले स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसने पुलिस आयुक्त को रजिस्टर्ड प्रार्थना पत्र भेजा। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो उसने कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट ने आदेश किया तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ। धूमनगंज थाना प्रभारी राजेश उपाध्याय का कहना है कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। ।


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