प्रयागराज संगम की रेती पर आयोजित माघ मेले में इस बार आस्था के साथ-साथ शिक्षा का भी अनोखा संगम देखने को मिला। बेसिक शिक्षा विभाग की पहल पर माघ मेले में कार्यरत सफाई कर्मियों के बच्चों के लिए संचालित किए गए अस्थाई विद्यालय ‘विद्या कुंभ’ में इस सत्र में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा पांच तक के 333 बच्चों ने पढ़ाई की। एक महीने तक चले इस विशेष शिक्षण अभियान का समापन बुधवार को बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों की संयुक्त बैठक के साथ हुआ। समापन कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने कविताएं और कहानियां सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस मौके पर शिक्षकों की ओर से बच्चों को एजुकेशन किट, स्कूल बैग और अन्य शैक्षिक सामग्री देकर पुरस्कृत किया गया। बच्चों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ नजर आया।
मिड डे मील कोऑर्डिनेटर राजीव कुमार त्रिपाठी ने बताया कि माघ मेले में तीन राज्यों के 13 जिलों से बड़ी संख्या में सफाई कर्मी ड्यूटी पर आए थे। उनके साथ परिवार और बच्चे भी मेले क्षेत्र में रह रहे थे। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसी उद्देश्य से माघ मेले में अस्थाई प्राइमरी स्कूल ‘विद्या कुंभ’ की स्थापना की गई। सफाई कर्मियों की बस्ती में सर्वे कर 333 बच्चों का पंजीकरण किया गया। उन्होंने बताया कि इन बच्चों को सरकार की ओर से निशुल्क किताबें, कॉपियां, कपड़े, जूते-मोजे और स्कूल बैग उपलब्ध कराए गए। साथ ही बच्चों के लिए नियमित रूप से मिड डे मील की भी व्यवस्था की गई। योग्य शिक्षकों द्वारा नियमित कक्षाएं संचालित की गईं, ताकि कोई भी बच्चा आउट ऑफ स्कूल न रहे। राजीव कुमार त्रिपाठी के अनुसार इस बार 47 ऐसे बच्चे भी शामिल रहे, जिन्होंने 2025 के महाकुंभ में भी विद्या कुंभ विद्यालय से शिक्षा ग्रहण की थी। पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेलकूद गतिविधियां और संस्कार आधारित कार्यक्रम भी कराए गए। उन्होंने बताया कि बच्चों की शैक्षिक प्रगति को लेकर अभिभावकों को भी बुलाया गया था, जिन्होंने विभाग को पूरा सहयोग दिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार के नेतृत्व में विद्या कुंभ का सफल संचालन हुआ है।
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