मिर्जापुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ‘नन्हे फरिश्ते’ अभियान के तहत दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लिया है। आवश्यक पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंप दिया गया। यह घटना मंगलवार को हुई, जब RPF मिर्जापुर के सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र दुबे और रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपरवाइजर स्टेशन परिसर में गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान, स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में दो नाबालिग बच्चे बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में बैठे पाए गए। उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाकर पूछताछ की गई। एक लड़के की उम्र 15 साल है, वो निवासी ग्राम खैरा चितरंगी, जिला सिंगरौली (मध्य प्रदेश) और दूसरे की उम्र 16 वर्ष साल है। वो मड़िहान, जिला मिर्जापुर का रहने वाला है। उन्होंने बताया कि वे रोजगार की तलाश में सूरत जाने के उद्देश्य से घर से निकले थे। रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क ने बच्चों के परिजनों से संपर्क किया, जिन्होंने उनकी पहचान और बयानों की पुष्टि की। संभावित बाल श्रम से जुड़ा मामला होने के कारण, बाल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए तत्काल आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। नियमों के अनुसार, दोनों नाबालिग बच्चों का सुपुर्दगीनामा तैयार कर उन्हें सुरक्षित रूप से रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपरवाइजर को सौंप दिया गया। रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपने बच्चों पर विशेष ध्यान दें। यदि कोई असहाय या बिछड़ा बच्चा दिखाई दे, तो तत्काल RPF या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें, ताकि बच्चों को समय रहते सुरक्षित किया जा सके।
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