कानपुर मेट्रो का सेंट्रल स्टेशन से नौबस्ता तक ट्रायल रन बुधवार को हुआ। सुबह 11 बजे यू.पी. मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार के नेतृत्व में मेट्रो अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ट्रेन नौबस्ता के लिए रवाना हुई। यह ट्रायल रन लगभग चार घंटे तक चला। इस रूट पर मेट्रो के संचालन से 10 लाख की आबादी का सफर आसान होगा।
ट्रायल रन के दौरान एमडी सुशील कुमार ने मेट्रो के अंदर विभिन्न तकनीकी और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने पायलट कोच में प्रवेश कर सबसे पहले ट्रेन के संचालन और तकनीकी प्रणालियों पर अधिकारियों से चर्चा की। जैसे ही मेट्रो पहले स्टेशन झकरकट्टी पहुंची, एमडी ने ट्रेन को रुकवाकर स्टेशन के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और उपलब्ध सुविधाओं की जांच की।
इसके बाद किदवई नगर स्टेशन सहित मार्ग के सभी सात स्टेशनों का निरीक्षण किया। पूरे ट्रायल रन के दौरान एमडी लगातार अधिकारियों से फीडबैक लेते रहे। पढ़िये UPMRC के एम डी ने ट्रायल रन के बाद क्या कहा… आज बैलेन्स सेक्शन का ट्रायल रन किया गया। नौबस्ता तक ट्रायल किया गया। अब ट्रायल सफलता पूर्वक पूरा हुआ है। अब इंटरनेशनल टीम इसका निरीक्षण करेगी। इसका क्लीयरेंश मिलने के बाद इसे शुरू किया जायेगा। इस रूट पर अन्डर ग्राउन्ड सेक्शन का कार्य चैलेन्जिंग रहा है। पूरे भारत मे इस शहर मे जिस तरह से रेलवे के साथ काम किया गया। जिसमें सेंट्रल पर ही अन्डर ग्राउन्ड सेक्शन के ऊपर सात मंजिला रेलवे के द्वारा कार्य काराया जा रहा है। इसी तरह से झकरक्ट्टी स्टेशन पर बस स्टैण्ड का कार्य हो रहा है। लाईन टू का कार्य भी तेजी से चल रहा है। अब पढ़िए रूट के बारे में…
8 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर कुल 7 स्टेशन हैं। नौबस्ता तक ट्रायल रन पूरा होने के बाद एमडी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। मीडिया मैनेजर निहाल के अनुसार ट्रायल रन लगभग चार घंटे तक चलेगा। कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो की कुल दूरी लगभग 8 किलोमीटर है। इसमें करीब 3 किलोमीटर का अंडरग्राउंड सेक्शन शामिल है, जो कानपुर सेंट्रल से स्वदेशी कॉटन मिल तक फैला है। इसके बाद बारादेवी से नौबस्ता तक लगभग 5.30 किलोमीटर का एलिवेटेड सेक्शन है। एलिवेटेड हिस्से में ट्रैक बिछाने का कार्य पूरी तरह से पूरा हो चुका है। यह 3 तस्वीर देखिए…
24 किलोमीटर में होंगे 21 मेट्रो स्टेशन…
सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो शुरू होने के बाद आईआईटी से मोतीझील, मोतीझील से सेंट्रल स्टेशन और सेंट्रल से नौबस्ता तक कुल 24 किलोमीटर लंबे रूट पर 21 मेट्रो स्टेशन हो जाएंगे। इनमें से 7 स्टेशन अंडरग्राउंड और 14 स्टेशन एलिवेटेड होंगे। इस विस्तार के साथ कानपुर मेट्रो नेटवर्क में कुल 7 नए स्टेशन जुड़ेंगे। कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता की ओर होंगे। इनमें झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर (अंडरग्राउंड), बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता स्टेशन शामिल हैं। टनल में पटरियां बिछीं, सिग्नलिंग अंतिम चरण में
अंडरग्राउंड सुरंगों में भी पटरियां बिछा दी गई हैं। सिग्नलिंग सिस्टम और थर्ड रेल (बिजली आपूर्ति लाइन) का काम अंतिम चरण में है और इसे भी पूरा कर लिया गया है। अब ट्रैक पर मेट्रो ट्रेन का ट्रायल किया जाना है, जिसका इंतजार बुधवार को समाप्त हो गया। नए रूट पर मेट्रो सफर का संभावित किराया
कानपुर में 24 किलोमीटर लंबे मेट्रो सफर के लिए 21 स्टेशनों तक यात्रा करने पर लगभग 60 रुपये किराया तय किया गया है। हालांकि दूरी के अनुसार अलग-अलग स्टेशनों के लिए किराया अलग होगा। यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के अधिकारियों के अनुसार तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों को परखने के लिए ट्रायल रन किया जा रहा है। सभी जरूरी अनुमतियां और शेष औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मेट्रो सेवा आम लोगों के लिए शुरू की जाएगी। हालांकि, इसमें अभी करीब दो महीने का समय लग सकता है।
शहर के दक्षिणी इलाकों को राहत मिलेगी
मेट्रो के इस नए रूट के शुरू होने से शहर के दक्षिणी इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। किदवई नगर, झकरकटी, बाकरगंज और नौबस्ता जैसे व्यस्त चौराहों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को निजात मिलेगी और आवागमन कहीं अधिक आसान हो जाएगा।
https://ift.tt/4JtY75U
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply