सुल्तानपुर में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन ने किसान सहकारी चीनी मिल पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में पूर्व सपा विधायक अरुण वर्मा भी शामिल हुए। किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी को संबोधित एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें उनकी समस्याओं का उल्लेख किया गया था। मांग पत्र में बताया गया है कि जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों को बिना किसी पूर्व सूचना के सुल्तानपुर चीनी मिल के गन्ना किसानों का गन्ना हैदरगढ़ चीनी मिल को स्थानांतरित कर दिया है। किसानों का आरोप है कि सुल्तानपुर चीनी मिल चालू होने के बावजूद गन्ना तौल बंद कर दिया गया है। मिल गेट पर लगभग 300 गन्ने से लदी ट्रॉलियां खड़ी हैं। किसानों ने तत्काल गन्ना तौल शुरू करने और सभी किसानों का गन्ना तौल होने तक चीनी मिल को चालू रखने की मांग की है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक गन्ना किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किया गया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। पूर्व सपा विधायक अरुण वर्मा ने जानकारी दी कि उन्होंने चीनी मिल के महाप्रबंधक (जीएम) से बात की है और गन्ना आयुक्त को 200 किसानों के धरने पर बैठने की सूचना दी है। वर्मा ने कहा कि वह किसानों की समस्याओं को समझते हैं और इस मामले से अखिलेश यादव को भी अवगत कराएंगे। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के प्रदेश सचिव अजय सिंह ने बताया कि जीएम ने उन्हें सूचित किया है कि केन कमिश्नर के निर्देश पर मिल गेट के किसानों का गन्ना अब हैदरगढ़ मिल को आवंटित कर दिया गया है। अजय सिंह और अन्य किसानों ने इस फैसले पर असंतोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि मिल यार्ड में पहले से ही लगभग 300 ट्रॉलियां खड़ी हैं, जिनके लिए तौल की पर्चियां जारी हो चुकी हैं।
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