थाना सिविल लाइंस पुलिस और जनपद की साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शुगर मिल के पास से हुई। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और क्रिप्टो करेंसी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक (ASP) ने थाना सिविल लाइंस में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाते थे। वे लोगों को बेहद कम कीमत में आईफोन देने का झांसा देते थे, जिसमें आईफोन 15 प्रो और आईफोन प्रो जैसे महंगे फोन मात्र ₹5000 में बेचने का विज्ञापन शामिल था। आरोपी अनबॉक्सिंग के फर्जी वीडियो अपलोड कर लोगों का भरोसा जीतते थे। पुलिस के अनुसार, वे अमेज़न से आईफोन डिलीवरी का झांसा देकर पीड़ितों से अपने खातों में एडवांस पेमेंट मंगवाते थे। इसके बाद एटीएम से पैसा निकालकर उस नकदी से क्रिप्टो करेंसी (USDT) खरीदकर अपने वॉलेट में जमा कर लेते थे। इसके अतिरिक्त, आरोपी लोगों को ऑनलाइन नौकरी का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते, सिम कार्ड और नेट बैंकिंग सक्रिय करवाते थे। इन खातों और सिम कार्ड का उपयोग साइबर धोखाधड़ी की रकम निकालने के लिए किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन आईफोन (दो आईफोन 17 प्रो और एक आईफोन 15 प्रो), एक एंड्रॉयड मोबाइल (वनप्लस), एक लैपटॉप, एक मैकबुक, एक आईपैड, दो चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड बरामद हुए हैं। इसके साथ ही, लगभग 80 हजार रुपये मूल्य की USDT क्रिप्टो करेंसी भी मिली है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों के मोबाइल में 20 से अधिक मोबाइल नंबर, 32 से ज्यादा जीमेल आईडी लॉगिन और कई बैंकिंग व यूपीआई ऐप सक्रिय थे। अब तक साइबर क्राइम पोर्टल पर आईफोन डिलीवरी के नाम पर ठगी की 10 से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मुस्तफा पुत्र मुसब्बर खान और साइम पुत्र मुसब्बर खान के रूप में हुई है। ये दोनों घेर दरिया खान, नगर पालिका के पीछे, नगर कोतवाली क्षेत्र के निवासी हैं। उनके खिलाफ थाना सिविल लाइंस में अपराध संख्या 49/26 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66C व 66D में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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