हमीरपुर में बुधवार को अल हिंद पार्टी के बैनर तले 1857 की आजादी की लड़ाई के शहीदों के वंशजों और बुजुर्गों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति को संबोधित इस ज्ञापन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पेंशन और उचित सम्मान देने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि 1857 में अंग्रेजों के अत्याचारों का शिकार हुए बलिदानी परिवारों के वंशजों को पेंशन और सरकारी सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि जिन गांवों को उस समय जलाया, लूटा या उजाड़ा गया था, उन्हें ‘शहीद गांव’ घोषित कर शहीद भगत सिंह के गांव खटकर कला की तर्ज पर विकसित किया जाए। अन्य मांगों में शहीद परिवारों के परिजनों को मुआवजा देना और परिवार के कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अतिरिक्त, शहीदों की स्मृति में स्मारक बनाने, विश्वविद्यालयों और संस्थानों का नाम बलिदानियों के नाम पर रखने तथा उनके इतिहास को पाठ्यपुस्तकों में शामिल करने की भी मांग की गई। अल हिंद पार्टी के मंडल अध्यक्ष धर्मराज ने बताया कि 1857 में अंग्रेजों ने उनके वंशजों पर अत्याचार किए, उन्हें घरों से निकाला और उनकी संपत्ति छीन ली। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन बलिदानों का सम्मान होना चाहिए और शहीदों के वंशजों को स्वतंत्रता सेनानी पेंशन मिलनी चाहिए। धर्मराज ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से लगातार ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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