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दबिश देने पहुंची पुलिस के धक्के से ग्रामीण की मौत:बदायूं से गुमशुदा युवती को खोजते हुए संभल पहुंची थी फोर्स, शव छोड़कर भागी

संभल में गांव में पुलिस से धक्का-मुक्की में 55 साल के ग्रामीण की मौत हो गई। दरअसल युवती को भगा ले जाने के एक मामले में पुलिस गांव में दबिश देने पहुंची थी। पुलिस को देखते ही आरोपी युवक का पिता भागने लगा। इसी दौरान पीछा करते समय पकड़ने की कोशिश में पुलिस ने ग्रामीण को धक्का दे दिया। जिससे वह सिर के बल जमीन पर गिर पड़ा। गिरते ही बेहोश हो गया। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों और गांव वालों का आरोप है कि ग्रामीण की मौत होते ही, पुलिस उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गई। गांव वाले उसे अस्पताल ले जाने लगे, पर बीच रास्ते में ही ग्रामीण ने दम तोड़ दिया। गांव वालों की सूचना पर दूसरे थाने की पुलिस मौके पर पहुंची तो गुस्साए लोगों ने उन्हें घेर लिया। पुलिस ने समझा-बुझाकर ग्रामीणों को शांत कराया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। घटना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर कैलादेवी थाना क्षेत्र के नारंगपुर गांव की है। पूरा मामला विस्तार से समझ लीजिए… कैलादेवी थाना क्षेत्र के नारंगपुर गांव निवासी हरचरण दास (55) अपने बेटे अनिकेत (24) के साथ खेती-बाड़ी करके थे। । आरोप है कि अनिकेत अपनी बेटी की ननद शगुन को भगाकर ले गया था। शगुन बदायूं जिले के किशनपुरी गांव, थाना फैजगंज बेहटा की रहने वाली है। परिजनों के मुताबिक, यह तीसरी बार था जब लड़की बेटे के साथ गई थी। करीब 10–15 दिन पहले दोनों फिर से घर से चले गए, जिसके बाद बदायूं पुलिस ने फैजगंज बेहटा थाने में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। मंगलवार शाम बदायूं पुलिस पहले हयातनगर थाना क्षेत्र के हैबतपुर गांव पहुंची, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। इसके बाद कैलादेवी थाने में आमद दर्ज कराई गई। आरोप है कि इसके बावजूद स्थानीय पुलिस को साथ लिए बिना ही नारंगपुर गांव में दबिश दी गई। हरचरण दास पिछले कई दिनों से अपनी ससुराल नारंगपुर में रह रहे थे, बताया जा रहा है कि पुलिस लोकेशन ट्रेस कर वहां पहुंची थी। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस को देखकर हरचरण दास घबरा गए और भागने लगे। इसी दौरान वह गिर पड़े। पुलिसकर्मियों ने उन्हें चारपाई पर लिटाकर पानी डालने को कहा। कुछ देर बाद परिजन अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन गांव के अड्डे तक पहुंचते-पहुंचते उनकी मौत हो गई। आरोप है कि घटना के बाद बदायूं पुलिस लौट गई। रात करीब 9:30 बजे कैलादेवी थाना पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गांव में अब भी तनाव है और लोग पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। पत्नी का आरोप: पीछे से पकड़कर गिराया
मृतक की पत्नी जगवती ने रोते हुए बताया- हमारी बेटी की नंद बेटे के साथ चली गई है। पुलिस के डर से ही हम यहां ससुराल आए थे। रात में बदायूं की पुलिस आई। जैसे ही ये उठकर चले, पुलिस वालों ने पीछे से पकड़कर धक्का दे दिया। लड़की की जेठानी भी साथ आई थी, उसने पुलिस से कहा कि इसे ही उठा लो। पुलिस वालों ने इन्हें उठाकर चारपाई पर डाल दिया। हम अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही इनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम से ही पता चलेगा, कैसे हुई मौत- थाना प्रभारी
थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि बदायूं की पुलिस दबिश देने आई थी। ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, मृतक भागने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान धक्का-मुक्की में वह गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। यह भी कन्फर्म किया जा रहा है कि दबिश देने वाली पुलिस थाना फैजगंज बेहटा या बिसौली में से किस थाने की थी? ———————————– ये खबर भी पढ़िए… गाजियाबाद-मोबाइल गेम की लत, 3 बहनें 9वीं मंजिल से कूदीं:उम्र 12-14-16 साल; सुसाइड नोट में लिखा- सॉरी मम्मी-पापा, गेम नहीं छोड़ पा रहे गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार रात 2 बजे तीनों बहनें हाथ पकड़कर बालकनी से कूद गईं। गिरने की आवाज सुनकर कॉलोनी के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। तीनों बहनों की उम्र 12 से 16 साल के बीच है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि तीनों बहनों को टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की लत थी। पिता ने उन्हें गेम खेलने से मना किया और फटकार लगाई। इसके चलते तीनों बहनों ने यह कदम उठाया। पूरी खबर पढ़िए…


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