DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

सुसाइड करने वाली 3 बहनों का कमरा:जगह-जगह पेंसिल से लिखा- मेक मी अ हर्ट ऑफ ब्रोकेन

बिखरा सामान, दीवार पर राधा-कृष्ण की तस्वीर और जगह-जगह पेंसिल से बने स्केच। साथ में लिखा है, “ ‘I am very alone। Make me a heart of broken यानी हम लोग बहुत अकेले हैं। मेरे दिल तोड़ दिया है।” यह वही रहस्यमयी कमरा है, जहां गाजियाबाद में कोरियन लव गेम के चक्कर में जान देने वाली तीन बहनें रहती थीं। पुलिस के मुताबिक, कमरे में बने स्केच इस तरह के हैं, जिससे लगता है कि उनका संबंध गेम के टास्क से हो सकता है। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों में से बीच वाली बेटी गेम में “डेथ कमांडर” की भूमिका निभाती थी। यह गेम का एक किरदार बताया जा रहा है। वह बाकी दोनों बहनों को टास्क देती थी और दोनों उसकी बात मानती थीं। पिता चेतन ने बताया कि बेटियां अक्सर कहती थीं कि हम लोगों को कोरिया जाना है। गेम में कुल 50 टास्क थे। कल गेम का आखिरी टास्क था, जिसे पूरा करने के बच्चियों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी। घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम भारत सिटी बी-1 टॉवर के फ्लैट नंबर 907 पहुंची। पढ़िए पूरी रिपोर्ट कमरे में राधा-कृष्ण की तस्वीर, जगह-जगह क्रॉस के निशान
तीनों बच्चियों के नाम निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) हैं। पिता चेतन ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का काम करते हैं। जिस 3BHK फ्लैट में परिवार रहता है, उसमें तीन कमरे और एक हॉल है। फ्लैट में प्रवेश करते ही दाईं ओर पहला कमरा है, जिसमें बच्चियों के पिता चेतन अपनी दोनों पत्नियों के साथ रहते हैं। बगल वाले कमरे में तीनों बच्चियां रहती थीं। तीसरे कमरे में राधा-कृष्ण की तस्वीर लगी हुई है। बच्चियों के कमरे का दरवाजा टूटा हुआ था। परिवार के मुताबिक, घटना के बाद जल्दबाजी में दरवाजा तोड़ना पड़ा। कमरे के अंदर सामान बिखरा हुआ मिला। बेड अस्त-व्यस्त थे, अलमारी खुली थी। राधा-कृष्ण की तस्वीर भी लगी हुई थी। एक केले का पेड़ भी लगा हुआ है। दीवारों पर पेंसिल से बने कई निशान और स्केच दिखे। कुछ जगहों पर स्केच पर क्रॉस का निशान बना हुआ था, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि टास्क पूरे होने के बाद ऐसे निशान लगाए जाते थे। कमरे में एक स्टूल मिला। पूछने पर पता चला कि इसी स्टूल से चढ़कर तीनों बच्चियां कूदीं। सुसाइड नोट में रोने की इमोजी बनाई
तीनों बहनें जिस कमरे में सोती थीं, वहां पुलिस को एक डायरी मिली है। इसके 18 पन्नों में सुसाइड नोट लिखा मिला। पुलिस का दावा है कि नोट में लिखा है- “मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।” इसमें जो कुछ लिखा है। सब सच लिखा है। इसे पढ़ लोग। रीयली सॉरी। सॉरी पापा। इसके बाद ही एक रोने की इमोजी भी बनाई है। गेम में इस कदर डूबीं कि स्कूल छोड़ा, टॉयलेट भी साथ जाती थीं
पिता चेतन कहते हैं, “ बच्चियां गेम में इस कदर डूबी हुई थीं कि अपने ही घर में अलग-थलग रहने लगी थीं। वे सिर्फ खाना खाने के लिए कमरे से बाहर निकलती थीं और स्कूल जाना भी छोड़ दिया था। कभी हम उनके कमरे में चले जाते तो वहां से तीनों दूसरे कमरे में चली जाती थीं। तीनों बेटियां हर वक्त एकसाथ रहती थीं। एक साथ ही टॉयलेट जाती थीं। नहाती भी साथ ही थीं।” पुलिस बोली- बच्चियां 80 फीट की ऊंचाई से कूदी थीं
दैनिक भास्कर से घरवालों ने बताया- बेटियों ने पहले कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया, फिर कूद गईं। हम लोग आवाज सुनकर दौड़े। देखा तो कमरा बंद था। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। देखा तो बेटियां वहां नहीं थीं। फिर दौड़कर नीचे पहुंचे। देखा तो बेटियां नीचे पड़ी हुई थीं। SP अतुल कुमार सिंह ने बताया- पुलिस को रात 2:18 बजे सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जिस ऊंचाई से तीनों बच्चियां कूदीं, वहां से जमीन की दूरी 80 फीट है। तीनों बच्चियां जमीन पर पड़ी मिलीं और गंभीर रूप से घायल थीं। उन्हें एंबुलेंस से लोनी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। —————– यह खबर भी पढ़ें….. गाजियाबाद-मोबाइल गेम की लत, 3 बहनें 9वीं मंजिल से कूदीं:उम्र 12-14-16 साल; सुसाइड नोट में लिखा- सॉरी मम्मी-पापा, गेम नहीं छोड़ पा रहे गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार रात 2 बजे तीनों बहनें बालकनी से कूद गईं। तीनों ने आत्महत्या से पहले कमरे को अंदर से बंद किया, फिर स्टूल रखकर एक-एक करके बालकनी से छलांग लगा दी। पढ़ें पूरी खबर…


https://ift.tt/SPdTG1W

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *