वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र के कर्ण-घंटा इलाके में बंद दुकान से करोड़ों रुपए का सोना चोरी करने वाले बदमाशों में शामिल सरगना को कोर्ट से जमानत मिल गई। न्यायाधीश संजीव शुक्ला की अदालत ने मामले के आरोपी शुभम विश्वकर्मा की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया। पिछले दिनों डीसीपी क्राइम ने इसका खुलासा किया था, जिसमें मुख्य सरगना आभूषण कारोबारी के मकान का केयर टेकर निकला। केयर टेकर ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर फिल्मी स्टाइल में चोरी की घटना को अंजाम दिया और पुलिस को गुमराह करने के लिए साजिश रची थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुंबई और वाराणसी में स्वर्ण व्यवसाय करने वाले दिवाकर राणा ने थाना चौक में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी के अनुसार 5 जनवरी 2026 को उनके कर्मचारी तारक घडई ने वाराणसी स्थित प्रतिष्ठान से भारी मात्रा में सोना चोरी होने की सूचना दी। चोरी का माल कुल 2214.778 ग्राम (करीब 2.2 किलो) 18 कैरेट मिक्स सोना चोरी हुआ था। विवेचना के दौरान पुलिस ने दीपेश चौहान नामक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 75.19 ग्राम जेवर बरामद हुए। पूछताछ में दीपेश ने शुभम विश्वकर्मा उर्फ चिंटू समेत अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात कबूल की थी। पुलिस ने दबोच लिया। चोरी की वारदात फिल्मी स्टाइल में अंजाम देने वाले अपराधियों को पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार कर लिया। सत्र न्यायालय ने गाजीपुर के मौधा निवासी आरोपी शुभम विश्वकर्मा को दो जमानतदारों पर जमानत दे दी। पहले जानिए पूरा घटनाक्रम वाराणसी के चौक थाने के कर्णघंटा में विगत माह पुलिस चोरी की सूचना मिली थी। सुबह जब दुकानदार ने दुकान खोली तो अंदर सामान बिखरा था और तिजोरी में रखा सोना और ज्वैलरी गायब थी। चोरों ने कारोबारी दिवाकर राणा की दुकान से बिना ताला तोड़े और बिना सेंधमारी के पूरा माल पार कर दिया था। सोना की चोरी की सूचना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर इंस्पेक्टर चौक और एसीपी दशाश्वमेध ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जानकारी पाकर डीसीपी क्राइम सरवणन टी. भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया था। संदिग्ध तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने कैंट रेलवे स्टेशन के पास से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास 2 किलो 122 ग्राम सोने का आभूषण को बरामद किया। काशी जोन के डीसीपी सरवरण टी. का दावा है कि वाराणसी कमिश्नरेट में चोरी की घटनाओं के बाद या सबसे बड़ी रिकवरी थी। बताया कि वारदात को अंजाम देने के लिए तीन महीने पहले से साजिश को रचा जा था और इसके लिए अभियुक्त द्वारा डुप्लीकेट चाभी भी बनवाया। घटना को अंजान चोरों द्वारा घटना किया जाना दिखाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए मकान के खिड़की का शीशा भी तोड़ा गया, लेकिन इनकी यह साजिश सीसीटीवी में कैद हो गई थी। ये आरोपी हुए थे गिरफ्तार 1. दीपेश चौहान पुत्र अमरनाथ चौहान निवासी मडियाहू जौनपुर 2. विकास बेनवंशी पुत्र रामदुलार बेनवंशी निवासी मौधा खानपुर गाजीपुर 3. शुभम विश्वकर्मा पुत्र रामदुलार विश्वकर्मा मौधा खानपुर गाजीपुर 4. सैनुद्दीन अंसारी पुत्र अलाउद्दीन अंसारी निवासी मौधा खानपुर गाजीपुर 5. तारक घोराई पुत्र गोपाल घोराई निवासी ग्राम गोपालपुर पश्चिम बंगाल यह हुई थी बरामदगी डीसीपी क्राइम सरवणनन टी के अनुसार कूड़ाखाना बेनिया से जेवरात बरामद किए थे। आरोपियों के कब्जे से 20 अदद गले के छोटे बड़े हार पीली धातु, कनौती 30 जोड़ी पीली धातु, 79 अदद नथ का लर पीली धातु, 400 अदद अंगूठी पीली धातु, 69 अदद मंगलसूत्र के छोटे बड़े लाकेट पीली धातु बरामद की। इसके साथ 11 जोड़ी बृजबाली पीली धातु, 68 अदद (34 जोड़ी) गूटी झुमका पीली धातु मय बाक्स कुल वजन 2122.00 ग्राम मिला।
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